Barabanki News... समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS/जनसुनवाई पोर्टल) के अंतर्गत प्राप्त संदर्भों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में अपेक्षित गंभीरता न बरतने तथा बुलाई गई समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित 12 अधिकारियों का एक दिवस का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए हैं।शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल आईजीआरएस के अंतर्गत प्राप्त जनशिकायतों एवं संदर्भों का निर्धारित समय-सीमा में त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं शिकायतकर्ता की संतुष्टि के अनुरूप निस्तारण सुनिश्चित किया जाना है। इसके लिए अधिकारियों को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते रहे हैं। समीक्षा में निर्धारित तिथि को लंबित संदर्भों तथा संबंधित अधिकारियों की बैठक में अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई है।
इन 12 अधिकारियों का बाधित किया गया एक दिवस का वेतन
जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार कार्रवाई की जद में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन, खंड शिक्षा अधिकारी हैदरगढ़, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक त्रिवेदीगंज, खंड शिक्षा अधिकारी मसौली, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक दरियाबाद, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक सिरौली गौसपुर, अधिशासी अधिकारी रामनगर, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) बैंक, खंड शिक्षा अधिकारी देवा, अधिशासी अधिकारी बेलहरा तथा प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक बनीकोडर शामिल हैं।
अब तक 24 अधिकारियों पर कार्रवाई
जिलाधिकारी द्वारा आईजीआरएस संदर्भों के निस्तारण में लापरवाही को लेकर पूर्व में भी 12 अधिकारियों का एक दिवस का वेतन बाधित किया जा चुका है। 11 अगस्त को 59 डिफाल्टर संदर्भों के संबंध में संबंधित 12 अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी। अब पुनः आईजीआरएस निस्तारण एवं समीक्षा व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर 12 अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ अब तक कुल 24 अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आईजीआरएस संदर्भों के निस्तारण में शिथिलता, अनावश्यक विलंब अथवा समीक्षा व्यवस्था के प्रति उदासीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को प्रकरण के संबंध में तीन दिवस के भीतर सुस्पष्ट एवं तथ्यात्मक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में भी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही निर्धारित करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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