Barabanki News... श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (SRMU) के इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज (आईएमएस) द्वारा आयोजित सात दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का शुभारंभ सोमवार को ऑनलाइन माध्यम से किया गया। "समकालीन पत्रकारिता एवं जनसंचार शिक्षा: पाठ्यक्रम, शोध और व्यावसायिक दक्षताएं" विषय पर आधारित यह एफडीपी 13 से 19 जुलाई 2026 तक आयोजित की जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य पत्रकारिता एवं जनसंचार शिक्षा को बदलते मीडिया परिदृश्य, नई तकनीकों, शोध प्रवृत्तियों एवं उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है।
विश्वविद्यालय के चांसलर इं. पंकज अग्रवाल, प्रो-चांसलर इं. पूजा अग्रवाल तथा शैक्षणिक सलाहकार आरुषी अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी के नेतृत्व में आयोजित एफडीपी के पहले दिन रिसोर्स पर्सन के रूप में मणिपाल विश्वविद्यालय, जयपुर से मीडिया कम्युनिकेशन एवं फाइन आर्ट्स विभाग में सहायक आचार्य डॉ. सुमित कुमार पाण्डेय ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने "21वीं सदी में पत्रकारिता एवं जनसंचार शिक्षा का पुनर्परिकल्पन" विषय पर अपने व्याख्यान में कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में पत्रकारिता एवं जनसंचार शिक्षा के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। पारंपरिक मीडिया के साथ-साथ डिजिटल मीडिया, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मोबाइल पत्रकारिता (मोजो), डेटा पत्रकारिता, मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग, तथ्य-जांच एवं मीडिया विश्लेषण जैसे नए क्षेत्रों को मीडिया पाठ्यक्रमों में शामिल करना समय की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की मीडिया शिक्षा को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल, आलोचनात्मक चिंतन, शोध क्षमता, नैतिक मूल्यों एवं व्यावसायिक दक्षताओं से सशक्त बनाना आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बहुविषयक दृष्टिकोण, अनुभव आधारित शिक्षण, परियोजना आधारित अध्ययन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा अकादमिक एवं उद्योग के मध्य सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उद्घाटन सत्र में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से जुड़े शिक्षक, शोधार्थी, मीडिया विशेषज्ञ एवं विद्यार्थी ने मीडिया शिक्षा, पाठ्यक्रम नवाचार, डिजिटल परिवर्तन एवं शोध के नए अवसरों से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. पाण्डेय ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एफडीपी चेयरपर्सन प्रो. (डॉ.) रज़ाउर रहमान, निदेशक, इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण मीडिया शिक्षा, शोध उत्कृष्टता एवं उद्योग आधारित कौशल का विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह एफडीपी शिक्षकों एवं शोधार्थियों को नवीन विचारों, शोध दृष्टिकोणों एवं अकादमिक अनुभवों से समृद्ध करेगा। एफडीपी संयोजक एवं अकादमिक कोऑर्डिनेटर, इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, डॉ. प्रदीप कुमार ने सभी प्रतिभागियों एवं विशेषज्ञ वक्ता का स्वागत करते हुए कहा कि इस सात दिवसीय एफडीपी के माध्यम से पत्रकारिता एवं जनसंचार शिक्षा के विभिन्न समकालीन पहलुओं, पाठ्यक्रम विकास, शोध पद्धति एवं व्यावसायिक दक्षताओं पर विशेषज्ञों के विचार साझा किए जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन संदीप सिंह ने एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद् ज्ञापन डॉ. अमित कुमार सिंह ने किया। एफडीपी के सफल आयोजन में आयोजन समिति के सदस्यों डॉ. शैलेन्द्र सिंह बिष्ट, राहुल चतुर्वेदी, राहुल यादव एवं संतोष शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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