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Barabanki: SRMU में अनुसंधान, इंटर्नशिप एवं शोध प्रकाशन को मिलेगा बढ़ावा, 3 प्रतिष्ठित संस्थानों से MOU साइन

 

Barabanki News... श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (एसआरएमयू) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020) के अनुरूप अनुसंधान, नवाचार, इंटर्नशिप, वैज्ञानिक प्रशिक्षण तथा शोध प्रकाशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए तीन प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इन संस्थानों में साइटोजीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट, बाराबंकी (उत्तर प्रदेश), एमआरडी लाइफसाइंसेज़, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) तथा नॉलेजमेड पब्लिकेशन शामिल हैं। इन साझेदारियों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को अनुसंधान परियोजनाओं, इंटर्नशिप, प्रयोगात्मक प्रशिक्षण, वैज्ञानिक लेखन, शोध प्रकाशन तथा विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के नए अवसर प्राप्त होंगे। 

 समारोह में एसआरएमयू के चांसलर इंजी. पंकज अग्रवाल, प्रो-चांसलर इंजी. पूजा अग्रवाल, कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी, आईक्यूएसी डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) रितु चंद्रा, इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) मंजू पाण्डेय, इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड बायोसाइंसेज के डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) तबिश किदवई, फैकल्टी ऑफ केमिकल साइंसेज़ की ऑफिशिएटिंग विभागाध्यक्ष डॉ. साधना, इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार वर्मा एवं असिस्टेंट प्रोफेसर श्री अजीत सिंह सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य तथा तीनों संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। qqq तीनों संस्थानों के साथ हुए समझौता ज्ञापनों के अंतर्गत साइटोजीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट की ओर से इंजी. सुजीत सिंह (प्रबंध निदेशक) एवं डॉ. शिव पूजन शुक्ला (परामर्शदाता वैज्ञानिक एवं संस्थापक, बायोटॉक्स सॉल्यूशन, लखनऊ) ने, एमआरडी लाइफसाइंसेज़, लखनऊ की ओर से डॉ. चित्रांशु पाण्डेय (वरिष्ठ वैज्ञानिक) एवं श्री राजशेखर मिश्रा (अनुसंधान प्रबंधक) ने तथा नॉलेजमेड पब्लिकेशन की ओर से डॉ. कमल सैनी (प्रधान संपादक) ने हस्ताक्षर कर शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग का संकल्प लिया। qqq इस अवसर पर चांसलर इंजी. पंकज अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुसंधान, नवाचार एवं उद्योग से जोड़ना है। ऐसे सहयोग विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की वैज्ञानिक तकनीकों, आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों तथा व्यावहारिक अनुभव से परिचित कराते हुए उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे। 

 प्रो-चांसलर इंजी. पूजा अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर उद्योग एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग स्थापित कर विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर रहा है। इन एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, अनुसंधान प्रशिक्षण, वैज्ञानिक लेखन तथा शोध प्रकाशन के उत्कृष्ट अवसर प्राप्त होंगे। 


कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी ने कहा कि ये साझेदारियां विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ अनुसंधान एवं उद्योग का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेंगी। इससे उनकी शोध क्षमता, नवाचार की सोच तथा रोजगार की संभावनाओं को नई दिशा मिलेगी। 

आईक्यूएसी डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) रितु चंद्रा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय अनुभवात्मक शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार और बहुविषयक सहयोग को निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है। इन समझौतों से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को संयुक्त अनुसंधान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप तथा शोध प्रकाशन के व्यापक अवसर प्राप्त होंगे।

इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) मंजू पाण्डेय ने कहा कि इन सहयोगों से विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी अनुसंधान क्षमता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा शोध प्रकाशन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी |

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