Barabanki News… जिले की हॉट सीट मानी जाने वाली रामनगर सीट पर आगामी चुनाव के लिए लड़ाई दिन-बदिन दिलचस्प होती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी में दर्जनों उम्मीदवारों के बीच इस सीट पर एनडीए की सहयोगी सुहदेव भारतीय समाज पार्टी भी अपनी दावेदारी ठोक दी है। सुभासपा ने ना सिर्फ दावेदारी ठोकी है, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करना भी शुरू कर दिया। ऐसे में सवाल ये है कि क्या सुभासपा बीजेपी के दिग्गजों का खेल बिगाड़ देगी।
प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा इन दिनों एनडीए में सीट बार्गेनिंग को लेकर लगातार कोशिश कर रही है। मंगलवार को जिले की रामनगर सीट पर दौरा करने आए सुभासपा के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ. अरविंद राजभर ने 2027 चुनाव को लेकर जो बात कही उससे स्पष्ट हो जाता है कि एनडीए के अंदर इस सीट शेयरिंग का मामला उलझने वाला है और रामनगर सीट पर भी पेंच फंस सकता है। डॉ. अरविंद राजभर ने कहा कि उनकी पार्टी की पूर्वांचल की 83 विधानसभा सीटों पर दम खम ऱकती है। वो दावा तो करते हैं कि 2027 में एनडीए प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी, लेकिन साथ ही साथ वो जिले और राज्य में अतिमहत्वपूर्ण रामनगर सीट पर मजबूत दावेदारी जताते हैं और कहते हैं कि भाजपा नेतृत्व को पार्टी की मंशा बता दी गई है। वो कहते हैं कि रामनगर सीट पर हमारी नजर 2012 से है, हम लोग इस पर काम भी कर चुके हैं। वो कहते हैं कि यहां पूर्वांचल के लोगों की सख्या बल ठीकठाक होने के नाते यहां के लोगों की मांग है कि यहां सुभासपा चुनाव लड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि वो 2027 का चुनाव रानगर विधानसभा सीट पर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि ये बात एनडीए के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचा भी दी गई है।
इस बात से स्रष्ट है कि सुभासपा रामनगर में चुनाव लड़ने के मूड में है, लेकिन अंतिम फैसला एनडीए के शीर्ष नेतृत्व का होगा। लेकिन डॉ. अरविंद राजभर के इन तेवर से इतना तो साफ है कि सीट शेयरिंग का मामला इस बार एनडीए के लिए आसान नहीं होगा। वहीं ये भी स्पष्ट है कि रामनगर सीट पर अगर सुभासपा चुनाव लड़ती है, तो बीजेपी क दावेदारों को जोर का झटका जरूर लगेगा।

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