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Barabnki: काव्य संध्या में कवियों ने किया मंत्रमुग्ध

 

रिपोर्ट- अमित गुप्ता 

 Barabanki News... जिले के बाबागंज कस्बे में रविवार रात सामाजिक कार्यकर्ता चौधरी तालिब नजीब कोकब के की मौजूदगी में काव्य कल्याणी परिवार द्वारा भव्य काव्य संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन कवि संदीप अनुरागी ने किया। काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, प्रेम, नैतिकता, देशभक्ति और हास्य के विभिन्न रंग प्रस्तुत कर श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया।

 कार्यक्रम का शुभारंभ कवि संजय सावरा ने अपनी रचना “सबकी होती है एक कहानी, कोई रंक हो या भूप...” से किया। हास्य कवि विजय तन्हा ने अपनी चुटीली प्रस्तुति “जिसे दिल में बसाता हूं, वह भैया बोल देती है” सुनाकर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।

 लोक गीतकार शशि बिंदु कुमार ने सत्य, ज्ञान और नैतिकता पर आधारित रचना प्रस्तुत की। हरिगोविंद यादव ने गजल के माध्यम से नारी और मायके के भावनात्मक संबंधों को स्वर दिया। भानु प्रताप मौर्य ‘अंश’ ने अवधी रचना सुनाकर श्रोताओं की सराहना बटोरी।
प्रथम बार मंच पर कविता पाठ करने वाली साक्षी मिश्रा ने “आज की नारी है आज की कल्पना” शीर्षक रचना प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। धनीराम ‘निर्धन’ ने महंगाई पर कटाक्ष करते हुए जनजीवन की समस्याओं को उजागर किया। वहीं सुनील हर्ष ने अपने दोहों से श्रोताओं को जीवन की सीख दी। निर्मल कुमार ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचना “इस चमन को जरूरत तुम्हारी, इस वतन से मोहब्बत करो तुम” प्रस्तुत की। प्रो. डॉ. आलोक कुमार यादव ने अपनी भावपूर्ण रचना “हजारों उमंगें जगाती हैं आंखें” सुनाकर कार्यक्रम को नई ऊंचाई दी। इस अवसर पर चौधरी तालिब नजीब कोकब ने घोषणा की कि प्रत्येक माह की अंतिम तिथि को लगातार 10 माह तक इसी प्रकार काव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद isi कस्बे में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें देश के ख्यातिप्राप्त कवियों के साथ इन 10 महीनों में प्रतिभाग करने वाले स्थानीय कवियों को भी मंच प्रदान किया जाएगा। 

कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही और अंत में आयोजकों ने सभी कवियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

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