Barabanki News... श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (एसआरएमयू) के कुलाधिपति इंजी. पंकज अग्रवाल, प्रो-चांसलर इंजी. पूजा अग्रवाल तथा कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी के मार्गदर्शन में इंस्टिट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज (आईएमएस) द्वारा शनिवार को बोर्ड ऑफ स्टडीज (बीओएस) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पत्रकारिता एवं जनसंचार शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, रोजगारोन्मुख तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) रज़ाउर रहमान ने की।
इंस्टिट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज के अकादमिक कोऑर्डिनेटर एवं बीओएस कन्वीनर डॉ. प्रदीप कुमार के संयोजन में आयोजित बैठक में बी.ए. (जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) तथा एम.ए. (जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन) कार्यक्रमों के संशोधित पाठ्यक्रम एवं मूल्यांकन प्रणाली को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में बी.ए. (जेएमसी) कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पारंपरिक सिद्धांत एवं प्रायोगिक विषयों की पृथक व्यवस्था को समाप्त कर सभी सेमेस्टरों में समेकित (कम्पोजिट) मॉडल लागू करने को मंजूरी प्रदान की गई।
नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को कक्षा शिक्षण के साथ-साथ परियोजना आधारित अधिगम, मीडिया प्रयोगशाला प्रशिक्षण तथा उद्योग आधारित गतिविधियों में अधिक सहभागिता का अवसर मिलेगा। बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए चतुर्थ सेमेस्टर से विशेषज्ञता आधारित अध्ययन प्रणाली लागू करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अंतर्गत छात्र-छात्राएं अपनी रुचि एवं करियर लक्ष्यों के अनुरूप प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया तथा विज्ञापन एवं जनसंपर्क में से किसी एक विशेषज्ञता क्षेत्र का चयन कर सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था विद्यार्थियों को मीडिया उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप विशिष्ट कौशल प्रदान करेगी तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाएगी।
बैठक में बाह्य अकादमिक विशेषज्ञ के रूप में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, प्रयागराज के फिल्म अध्ययन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. यशार्थ मंजुल, उद्योग विशेषज्ञ के रूप में पेज-19 एक्सप्रेस मीडिया एंड एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ के प्रबंध निदेशक बृज बिहारी शुक्ला तथा संस्थान की पूर्व छात्रा शिखा वर्मा ने सहभागिता की। सभी विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम को उद्योग की वर्तमान एवं भावी आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम में डिजिटल पत्रकारिता, मोबाइल पत्रकारिता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित मीडिया, डेटा पत्रकारिता, सोशल मीडिया प्रबंधन, मीडिया उद्यमिता एवं कंटेंट क्रिएशन जैसे समकालीन विषयों को शामिल करने और उन्हें सुदृढ़ बनाने के लिए संस्थान की सराहना की। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) रज़ाउर रहमान ने कहा कि मीडिया अध्ययन संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योग के लिए तैयार, तकनीकी रूप से दक्ष, रचनात्मक एवं सामाजिक रूप से उत्तरदायी मीडिया पेशेवर बनाना है। उन्होंने कहा कि संशोधित पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मीडिया उद्योग में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा। बैठक में डॉ. अमित कुमार सिंह, डॉ. शैलेन्द्र सिंह बिष्ट, राहुल चतुर्वेदी तथा संदीप कुमार सिंह सहित अन्य सदस्यों ने भी सक्रिय सहभागिता की।



0 टिप्पणियाँ