Barabanki News... कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी, छात्रों की परेशानियां और परिवारों पर बढ़ता आर्थिक बोझ परीक्षा प्रणाली में फैले भ्रष्टाचार का नतीजा है। कांग्रेस ने इन मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों में NEET, CBSE, लेखपाल, UPSI, पुलिस भर्ती, RO-ARO, SSC GD और सहायक प्रोफेसर भर्ती जैसी कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। पार्टी ने कहा कि 2016 में AIPMT और हाल के वर्षों में NEET समेत कई परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आने के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी नहीं ली। कांग्रेस ने उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है।पार्टी का कहना है कि पेपर लीक ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। कांग्रेस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि लीक प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए छात्रों से 25 हजार रुपये से लेकर 40 लाख रुपये तक वसूले गए। पिछले 12 वर्षों में 23 राष्ट्रीय परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और अब तक 90 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनिश्चितताओं से छात्रों पर भारी मानसिक दबाव पड़ा है। पार्टी ने कहा कि इस व्यवस्था ने युवाओं का विश्वास तोड़ा है और उन्हें निराशा की ओर धकेला है।
इसी मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत कोटा से की है। राहुल गांधी का कहना है कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डाल रही है। उन्होंने दावा किया कि NEET की तैयारी पर होने वाला खर्च देश के शिक्षा बजट के लगभग बराबर पहुंच चुका है।राहुल गांधी ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि लगातार विवादों में रहने के बावजूद एजेंसी की जवाबदेही तय नहीं की जा रही है। कांग्रेस ने पूछा कि आखिर सरकार NTA में व्यापक सुधार क्यों नहीं कर रही।
पार्टी का दावा है कि देश में शिक्षा बजट का हिस्सा घट रहा है, सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की संख्या कम हो रही है तथा लाखों शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। कांग्रेस ने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था शिक्षा के बजाय वसूली का तंत्र बनती जा रही है।
कांग्रेस के अनुसार, NSUI और युवा कांग्रेस के सहयोग से चलाया जा रहा ‘छात्रों की गूंज’ अभियान निष्पक्ष, सस्ती और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा। इस अभियान के तहत प्रयागराज, पटना और दिल्ली समेत कई शहरों में आगामी रैलियां आयोजित की जाएंगी।"पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार इन आरोपों पर क्या जवाब देती है और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाती है।"


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