वर्ष 2025-2026 के बजट का कुल आकार 08 लाख 08 हजार 736 करोड़ 06 लाख रुपये (8,08,736.06 करोड़ रुपये) है, जो वित्तीय वर्ष 2024-2025 के बजट अनुमान 07 लाख 36 हजार 437 करोड़ 71 लाख रुपये (7,36,437.71 करोड़ रुपये) से 72 हजार ़ 298 करोड 35 लाख रुपये (72,298.35 करोड़ रुपये) 9.8 प्रतिशत अधिक है।
ऽ बजट में राजस्व व्यय के लिये 05 लाख 83 हजार 174 करोड़ 57 लाख रुपये (5,83,174.57 करोड़ रुपये) के अनुमान तथा पूंजीगत व्यय के लिये 02 लाख 25 हजार 561 करोड़ 49 लाख रुपये (2,25,561.49 करोड़ रुपये) के अनुमान लिये गये हैं।
ऽ कुल पूंजीगत व्यय में पूंजीगत परिव्यय के लिये 01 लाख 65 हजार 242 करोड़ 91 लाख रुपये (1,65,242.91 करोड रुपये) की व्यवस्था प्रस्तावित है। उल्लेखनीय है कि पूंजीगत परिव्यय से परिसम्पत्तियों तथा रोजगार के अवसरों का सृजन होता है।
ऽ बजट में कुल अनुमानित प्राप्तियाँ 07 लाख 79 हजार 242 करोड़ 65 लाख रुपये (7,79,242.65 करोड़ रुपये) हैं, जिसमें राजस्व प्राप्तियाँ 06 लाख 62 हजार 690 करोड़ 93 लाख रुपये (6,62,690.93 करोड़ रुपये) तथा पूंजी लेखे की प्राप्तियाँ 01 लाख 16 हजार 551 करोड़ 72 लाख रुपये (1,16,551.72 करोड़ रुपये) है।
ऽ बजट में व्यय की नई मदों हेतु 28 हजार 478 करोड़ 34 लाख रुपये (28,478.34 करोड़ रुपये) का प्रावधान है।
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किसान
ऽ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत लगभग 03 करोड़ कृषकों को लगभग 79,500 करोड़ रुपये की धनराशि डी0बी0टी0 के माध्यम से हस्तांतरित।
ऽ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-2025 में लगभग 10 लाख बीमित कृषकों को लगभग 496 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान।
ऽ पी.एम.कुसुम योजना के अन्तर्गत वर्ष 2024 में कृषकों के प्रक्षेत्रों पर विभिन्न क्षमता के कुल 22,089 सोलर पम्पों की स्थापना।
ऽ कृषकों को दुर्घटनावश मृत्यु/दिव्यांगता की स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 14 सितम्बर, 2019 से लागू की गई।
ऽ कृषकों को गन्ना मूल्य भुगतान समय से सुनिश्चित कराने हेतु वर्ष 2017 से एस्क्रो एकाउन्ट मैकेनिज्म प्रारम्भ। जिसके फलस्वरूप चीनी मिलों में गन्ना मूल्य मद की धनराशि के व्यावर्तन पर पूर्ण अंकुश लगा।
ऽ वर्तमान सरकार द्वारा वर्ष 2017 से अब तक लगभग 46 लाख गन्ना किसानों को लगभग 2,73,000 करोड़ रूपये का रिकार्ड गन्ना मूल्य भुगतान। यह भुगतान इसके पूर्व के 22 वर्षों के सम्मिलित गन्ना मूल्य से 59,143 करोड़ रूपये अधिक है।
ऽ औसत गन्ना उत्पादकता 72 टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 85 टन प्रति हेक्टेयर बढ़ जाने से किसानों की आय में औसतन 370 रूपये प्रति कुन्तल की दर से 43,364 रूपये प्रति हेक्टेयर की वृद्धि।
महिला एवं बाल विकास
ऽ उ0प्र0 राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 96 लाख से अधिक परिवारों की महिलाओं को आच्छादित किया गया।
ऽ बी.सी.सखी योजना के अन्तर्गत 39,556 बी.सी.सखी द्वारा कार्य करते हुये 31,103 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया व 84.38 करोड़ रुपये का लाभांश अर्जित किया।
ऽ लखपति महिला योजना के अन्तर्गत 31 लाख से अधिक दीदियों का चिन्हाँकन तथा 02 लाख से अधिक महिलाएं लखपति की श्रेणी में आ चुकी हैं।
ऽ प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत अब तक लगभग 1.86 करोड़ लाभार्थियों को गैस कनेक्शन वितरित तथा लाभार्थियों को 02 निःशुल्क सिलिण्डर वितरित किये जा रहे।
ऽ उत्तर प्रदेश में महिला स्वामित्व वाली प्रोड्यूसर कम्पनियों के गठन हेतु महिला सामथ्र्य योजना संचालित।
ऽ बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु सह शिक्षा की व्यवस्था के साथ-साथ बालिका छात्रावास का निर्माण, बालिकाओं का सशक्तिकरण, मीना मंच, आत्म रक्षा प्रशिक्षण एवं संवेदीकरण आदि गतिविधियों का क्रियान्वयन।
ऽ उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी छात्राओं को पात्रता के आधार पर स्कूटी प्रदान किये जाने की नई योजना लायी जा रही।
युवा
ऽ स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत 49.86 लाख स्मार्ट फोन/टैबलेट वितरित किये गये। वित्तीय वर्ष 2025-2026 में इस योजना के तहत टैबलेट उपलबध कराये जायेंगे।
ऽ प्रतियोगी छात्रों को अपने घर के समीप ही कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का सफल संचालन।
ऽ प्रधानमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत सत्र 2024-25 में 54,833 अभ्यर्थियों को शिक्षुता प्रशिक्षण हेतु योजित किया गया।
ऽ प्रदेश के शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर नये सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना हेतु वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से वर्ष 2024-2025 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना प्रारम्भ। इस योजना के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 01 लाख नये सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना किये जाने का लक्ष्य।
ऽ इनोवेशन दिवस के अवसर पर यू0 पी0 स्टार्टअप संवाद और एक्सपो का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम तीन स्टार्टअप्स को क्रमशः 01 लाख, 75 हजार एवं 50 हजार का पुरस्कार तथा शेष 05 को 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया।
ऽ प्रदेश में युवाओं को नवाचार से जोड़ने के लिए इनोवेशन फण्ड की स्थापना कार्य प्रारम्भ, जिससे प्रदेश में स्टार्टअप ईकोसिस्टम विकसित होगा।
ऽ पी0आर0डी0 स्वयं सेवकों के मानदेय में वृद्धि प्रस्तावित तथा स्वयं सेवकों को लगभग 20 लाख अतिरिक्त रोजगार दिवस उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की जा रही है।
ऽ ग्राम पंचायत स्तर पर गठित लगभग 80 हजार युवक एवं महिला मंगल दलों को प्रोत्साहन स्वरूप खेल सामग्री उपलब्ध करायी जा रही।
रोेजगार
ऽ मनरेगा योजनान्तर्गत विगत वित्तीय वर्ष 2024-2025 में 26 करोड़ मानव दिवस लक्ष्य के सापेक्ष 8 जनवरी, 2025 तक 27.40 करोड़ मानव दिवस सृजित तथा 3,13,076 परिवारों को 100 दिन का रोजगार प्रदान किया गया है। मानव दिवस सृजन एवं वित्तीय प्रगति में उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान।
ऽ मनरेगा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-2025 में महिलाओं की सहभागिता 42 प्रतिशत है।
ऽ उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत विगत 6 वर्षों में 15.25 लाख युवाओं को निःशुल्क रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान कर 5.71 लाख युवाओं को रोजगार / स्वरोजगार से जोड़कर सेवायोजित किया गया।
ऽ अप्रेन्टिस योजना के अन्तर्गत अब तक 2,54,335 युवाओं को उद्योगों व एम.एस.एम.ई. से जोड़ा गया।
ऽ एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजनान्तर्गत वर्ष 2024-2025 में 17 दिसम्बर, 2024 तक 1,838 लाभार्थियों को लाभान्वित कराते हुये लगभग 10,560 लाख रुपये की मार्जिन मनी वितरित तथा 34,500 रोजगार का सृजन।
ऽ निवेश मित्र के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2024-2025 में माह नवम्बर, 2024 तक कुल 6,62,672 उद्यम पंजीकृत, जिसमें 59,64,048 रोजगार के अवसर सृजित।
ऽ वर्ष 2017 से दिसम्बर 2024 तक आरक्षी एवं समकक्ष, उप निरीक्षक एवं समकक्ष तथा लिपिक संवर्ग आदि के विभिन्न पदों पर कुल 1,56,206 भर्तियां। वर्तमान में अराजपत्रित श्रेणी के विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के 92,919 पदों पर भर्ती हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन।
ऽ लगभग 96 लाख एम.एस.एम.ई. इकाईयों की संख्या तथा 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश देश के सभी राज्यों में अग्रणी।
श्रमिक कल्याण
ऽ मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के अन्तर्गत माह सितम्बर, 2024 तक 6,22,974 लाभार्थी।
ऽ निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना के अन्तर्गत माह सितम्बर, 2024 तक 41,453 लाभार्थी।
ऽ कन्या विवाह सहायता योजना के अन्तर्गत पंजीकृत श्रमिक के कुल 02 बालिकाओं के स्वजातीय विवाह की स्थिति में 55,000 रूपये तथा अन्तर्जातीय विवाह की स्थिति में 61,000 रूपये की रकम दिये जाने का प्राविधान।
ऽ निर्माण कामगार गम्भीर बीमारी सहायता योजना के अन्तर्गत गम्भीर बीमारियों का इलाज सरकारी अस्पतालों में कराने पर इलाज के व्यय की शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति।
ऽ उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना/मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना से आच्छादित कराये जाने की कार्यवाही प्रगति पर।
ऽ आवासीय विद्यालय योजना प्रदेश के 12 जनपदों में संचालित, जिनमें प्रत्येक विद्यालय में 100-100 बालक एवं बालिकाओं को प्रवेश दिये जाने का प्रावधान।
ऽ निर्माण श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण एवं उद्देश्यपरक शिक्षा उपलब्ध कराने की दृष्टि से प्रदेश केे प्रत्येक मण्डल में 360 बच्चों की क्षमता वाला एक-एक अटल आवासीय विद्यालय स्थापित है। इन विद्यालयों की क्षमता भविष्य में बढ़ाकर 1000 प्रति विद्यालय किया जायेगा।
वित्तीय समावेशन
ऽ वर्ष 2024-2025 में बैंकों द्वारा प्रदेश में ऋण वितरण हेतु तैयार की गयी वार्षिक ऋण योजनान्तर्गत द्वितीय त्रैमास तक 2.50 लाख करोड़ रुपये का ऋण वितरित।
ऽ वर्तमान में प्रदेश में बैंकों की 20,416 शाखायें, 4,00,932 बैंक मित्र एवं बी0सी0सखी तथा 18,747 ए0टी0एम0 सहित कुल 4,40,095 बैंकिंग केन्द्रों के माध्यम से बैंकिंग सुविधायें उपलब्ध।
ऽ प्रधानमंत्री जनधन योजना के अन्तर्गत प्रदेश 9.57 करोड़ खातों के साथ देश में प्रथम स्थान पर।
ऽ प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजनान्तर्गत अब तक प्रदेश में 6.52 करोड़ नामांकन के साथ उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर।
ऽ प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजनान्तर्गत अब तक प्रदेश में 2.28 करोड़ नामांकन के साथ उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर।
ऽ अटल पेंशन योजनान्तर्गत अब तक प्रदेश में 1.12 करोड़ नामांकन के साथ प्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन।
कानून व्यवस्था
ऽ अभियोजन की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाते हुये अपराधियों को विभिन्न न्यायालयों से सजा दिलाई गई। वर्ष 2017 से दिसम्बर 2024 तक प्रदेश के चिन्हित 68 माफिया अपराधियों के विचाराधीन अभियोगों में प्रभावी पैरवी कर 73 अभियोगों में 31 माफिया अपराधियों को आजीवन कारावास व अर्थदण्ड की सजा से दण्डित कराया गया है, जिसमें 02 को फांसी की सजा।
ऽ महिलाओं एवं नाबालिगों के विरूद्ध हुए अपराधों मे 27,425 अभियोगों, पॉस्को अधिनियम के 11,254 अभियोगांे एवं दहेज हत्या की 3,775 अभियोगांे में अभियुक्तों को सजा दिलायी गयी।
ऽ साइबर अपराध में प्रयुक्त 13,83,232 मोबाइल नम्बर ब्लॉक कराये गये (देश में प्रथम स्थान)। वर्ष 2017 से दिनांक 31.12.2024 तक कुल पंजीकृत 77,210 अभियोगों के सापेक्ष में 66,475 अभियोगों का निस्तारण कर 43,202 अभियुक्तगणों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 320.89 करोड़ रुपये की धनराशि बरामद।
ऽ अपराधोें पर अंकुश लगाये जाने की प्रभावी कार्यवाही के तहत 20 मार्च, 2017 से 23 जनवरी, 2025 तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों के दुर्दान्त अपराधियों के विरूद्ध कार्यवाही के दौरान कुल 221 अपराधी मुठभेड़ में मारे गये एवं 8022 घायल हुयेे।
ऽ वर्ष 2017 के पश्चात 08 नये जनपद/मण्डल में विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना की गयी। जनपद अयोध्या, बस्ती, बाँदा, आजमगढ़, मीरजापुर एवं सहारनपुर में 06 नयी विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना का कार्य प्रगति पर।
कारागार प्रशासन
ऽ प्रदेश की 74 कारागारों एवं जनपद न्यायालयों में संचालित वीडियो कान्फ्रेन्सिंग इकाईयों से बन्दियों की रिमाण्ड की कार्यवाही हो रही। कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था हेतु लगभग 4800 सी.सी.टी.वी. कैमरे स्थापित, जिनकी फीड प्राप्त किये जाने हेतु मुख्यालय में वीडियो वाॅल स्थापित है। 24 कारागारों में 3जी क्षमता के 271 मोबाइल फोन जैमर स्थापित।
चिकित्सा शिक्षा
ऽ वर्तमान में प्रदेश में 80 मेडिकल कालेज हैं, जिनमें 44 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं एवं 36 निजी क्षेत्र में है। प्रदेश में 02 एम्स एवं आई0एम0एस0, बी0एच0यू0, वाराणसी तथा जवाहर लाल नेहरू मेडिकल काॅलेज, अलीगढ़ संचालित हैं। वर्ष 2024-2025 में 13 स्वाशासी चिकित्सा महाविद्यालय एवं पी0पी0पी0 मोड पर 03 जनपदों- महाराजगंज, सम्भल तथा शामली में नवीन मेडिकल काॅलेज स्थापित।
ऽ वर्तमान मंें प्रदेश में राजकीय एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल कालेजों/चिकित्सा संस्थानों/ विश्वविद्यालयों में एम0बी0बी0एस0 की 11,800 सीटें तथा पी0जी0 की 3971 सीटें उपलब्ध है। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-2026 में यू0जी0/पी0जी0 हेतु कुल 10,000 सीटें जोड़े जाने की घोषणा की गई, जिसमें से 1500 सीटें उत्तर प्रदेश को प्राप्त होंगी। इस हेतु लगभग 2066 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ वर्ष 2017 में सरकारी मेडिकल काॅलेजों मे सुपर स्पेशियलिटी की कुल सीटों की संख्या 120 थी। शैक्षणिक सत्र 2024-2025 में सीटों की संख्या को बढ़ाकर 250 किया गया।
ऽ जनपद बलिया तथा बलरामपुर में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना हेतु क्रमशः 27 करोड़ रुपये तथा 25 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
ऽ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजनान्तर्गत 5.13 करोड़ लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये गये। आयुष्मान कार्ड बनाने में पूरे देश में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।
ऽ प्राथमिक स्वास्थ्य इकाईयों को आयुष्मान आरोग्य मन्दिर के रूप में उच्चीकृत किया जा रहा। वर्तमान में कुल 22,681 आयुष्मान आरोग्य मन्दिर स्थापित।
ऽ उपकेन्द्रों से टेलीकन्सलटेशन प्रारम्भ कर ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध कराने की शुरूआत जुलाई, 2020 से की गयी।
ऽ प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा पोषित पी0पी0पी0 मोड पर निःशुल्क डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध।
ऽ प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा पी0पी0पी0 मोड पर जनपदीय चिकित्सालयों में सी0टी0 स्कैन की निःशुल्क सेवा उपलब्ध।
आयुष
ऽ प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वर्तमान में 2110 आयुर्वेदिक, 254 यूनानी एवं 1585 होम्योपैथिक चिकित्सालयों के साथ ही 08 आयुर्वेेदिक कालेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय, 02 यूनानी कालेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय तथा 09 होम्योपैथिक कालेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय संचालित।
वित्तीय वर्ष 2025-2026 में महायोगी गुरू गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, गोरखपुर का निर्माण कार्य तथा जनपद अयोध्या में राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना तथा जनपद वाराणसी में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज की स्थापना का लक्ष्य।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास
ऽ राज्य सरकार द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफलतम आयोजन, जिसमें लगभग 36 लाख करोड़ रुपये के निवेश के एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर। समिट के एक वर्ष के अन्दर ही 6.50 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश से या तो वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ हो गया है अथवा संबंधित परियोजनायें निर्माणाधीन हैं, जो अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
ऽ राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में चार नये एक्सप्रेस-वे के निर्माण का निर्णय।
ऽ आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से गंगा एक्सप्रेस-वे कौसिया, जनपद हरदोई वाया फर्रूखाबाद तक प्रवेश नियंत्रित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जायेगा, जिसके लिये 900 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ गंगा एक्सप्रेस-वे को प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चन्दौली होते हुये सोनभद्र से जोड़ने के लिये विन्ध्य एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिये 50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ मेरठ को हरिद्वार से जोड़ने हेतु गंगा एक्सप्रेस-वे विस्तारीकरण एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रस्तावित, जिसके लिये 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ बुन्देलखण्ड-रीवा एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रस्तावित, जिसके लिये 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी।
ऽ बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के साथ डिफेंस इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर परियोजना हेतु लगभग 461 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित। इसके अन्तर्गत लगभग साढ़े नौ हजार करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित।
ऽ लखनऊ में आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स सिटी के विकास हेतु 5 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ साइबर सुरक्षा में टेक्नोलाॅजी ट्रान्सलेशन रिसर्च पार्क की स्थापना हेतु 3 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
ऽ प्रदेश के शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर नये सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना हेतु वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से वर्ष 2024-2025 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान प्रारम्भ। योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2025-2026 के बजट में 1000 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना हेतु 225 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग
ऽ पीएम. मित्र योजना के अन्तर्गत टेक्सटाइल पार्क की स्थापना से सम्बन्धित व्यय हेतु 300 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ उत्तर प्रदेश वस्त्र गारमेन्टिंग पालिसी, 2022 के क्रियान्वयन हेतु 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था करायी जा रही।
ऽ अटल बिहारी वाजपेयी पाॅवरलूम विद्युत फ्लैट रेट योजना हेतु 400 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
खादी एवं ग्रामोद्योग
ऽ मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अन्तर्गत वर्ष 2025-2026 में ब्याज उपादान मद में समुचित व्यवस्था प्रस्तावित, जिसके अन्तर्गत 800 लाभार्थियों को बैंक ऋण उपलब्ध कराया जायेगा, जिससे 16,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।
ऽ पं0 दीनदयाल उपाध्याय खादी विपणन विकास सहायता योजना हेतु 32 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड के संचालन हेतु 11.50 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित।
आई0टी0 एवं इलेक्ट्राॅनिक्स
ऽ उत्तर प्रदेश इलेक्ट्राॅनिक्स विनिर्माण नीति-2017 के अन्तर्गत 23,203 करोड़ रूपये तथा उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी नीति-2017 के अन्तर्गत 7,004 करोड़ रूपये का निवेश।
ऽ प्रदेश सरकार की डाटा सेन्टर नीति के अन्तर्गत पूर्व लक्षित 03 डाटा सेन्टर पाक्र्स के स्थान पर संशोधित नीति के अन्तर्गत प्रदेश में 30,000 करोड़ रूपये के अनुमानित निवेश से 08 डाटा सेन्टर पाक्र्स की स्थापना तथा 900 मेगावाॅट क्षमता का लक्ष्य।
ऽ उ0प्र0 सेमीकण्डक्टर नीति, 2024 प्रख्यापित। सेमीकण्डक्टर इकाईयों के लिये डेडीकेटेड प्रावधान आरम्भ करने वाला उत्तर प्रदेश चैथा राज्य।
ऽ राज्य में 8 स्टेट आॅफ आर्ट सेन्टर आॅॅॅफ एक्सीलेन्स के केन्द्रों की स्थापना के अन्तर्गत प्रथम सेन्टर आॅॅॅफ एक्सीलेन्स का केन्द्र मेडिकल इलेक्ट्राॅनिक्स के क्षेत्र में संजय गाँधी पोस्ट ग्रेजुएट इन्स्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइन्सेज में तथा आई.आई.टी. कानपुर नोएडा परिसर में आर्टिफिशियल इन्टेलिजन्स के क्षेत्र में एवं आई.आई.टी. कानपुर परिसर में ड्रोन सेन्टर आॅफ एक्सीलेन्स स्थापित होकर क्रियाशील।
सड़क एवं सेतु
ऽ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डाॅलर तक का प्रदेश सरकार के लक्ष्य के दृष्टिगत प्रदेश में नाॅर्थ साउथ काॅरिडोर के विकास हेतु मार्गों के चैड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण/निर्माण की योजना प्रारम्भ, जिसके लिये 200 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रदेश में सेतुओं एवं रेल उपरिगामी/अधोगामी सेतुओं के निर्माण हेतु कुल 1450 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ राज्य राजमार्गों के चैड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण कार्याें हेतु 2900 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
ऽ राज्य सड़क निधि से सड़कों के अनुरक्षण हेतु 3000 करोड़ रुपये तथा निर्माण हेतु 2800 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
ऽ प्रदेश के ग्रामीण मार्गाें एवं पुलियों के अनुरक्षण हेतु 2700 करोड़ रुपये का प्रस्ताव।
ऽ कृषि विपणन सुविधाओं हेतु ग्रामीण सेतुओं के निर्माण के लिये 1600 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
ऽ शहरवासियों के आवागमन को सुगम बनाने के दृष्टिगत शहरों के बाईपास एवं रिंगरोड तथा चैराहों पर फ्लाईओवर आदि के निर्माण हेतु 1200 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
ऽ औद्योगिक/लाॅजिस्टिक पार्क हेतु मार्गों के चैड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण/ निर्माण कार्य हेतु 800 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ मुख्यमंत्री ग्राम योजनान्तर्गत ग्रामीण मार्गों के नवनिर्माण / पुनर्निर्माण / मिसिंग लिंक के निर्माण हेतु नई योजना प्रारम्भ। इस योजना हेतु 200 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों के सुधार, रोड सेफ्टी कार्यों एवं सौन्दर्यीकरण हेतु 250 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग
ऽ मध्य गंगा नहर परियोजन स्टेज-2, कनहर सिंचाई परियोजना, महाराजगंज में रोहिन नदी बैराज के पूर्ण होने पर 4.74 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचन क्षमता सृजित होगी, जिससे 6.77 लाख कृषक लाभान्वित होंगे।
ऽ विभिन्न जनपदों में 6,600 राजकीय नलकूपों के आधुनिकीकरण, 2100 नवीन राजकीय नलकूपों के निर्माण तथा डार्क जोन में स्थित 569 असफल राजकीय नलकूपों के पुनर्निर्माण का कार्य प्रगति पर। इससे लगभग 2.38 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता की पुनस्र्थापना होगी तथा लगभग 2.12 लाख कृषक परिवार लाभान्वित होंगे।
ऽ नहरों एवं सरकारी नलकूपों से किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा हेतु 1300 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
ऽ प्रदेश के 1750 असफल नलकूपों के पुनर्निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ डार्क जोन के असफल 569 नलकूपों के लिये लगभग 9 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऽ प्रदेश सरकार द्वारा 1551 बाढ़ परियोजनायें पूर्ण, जिससे 32.87 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सुरक्षित।
नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति
ऽ प्रदेश में जल जीवन मिशन के अन्तर्गत प्रदेश के समस्त 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों के लक्ष्य के सापेक्ष 2.34 करोड़ घरों में क्रियाशील गृह नल संयोजन उपलब्ध कराया गया।
ऽ गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाये रखने एवं उसमें दूषित जल का उत्प्रवाह रोकने के लिये सीवरेज संबंधी कुल 67 परियोजनाएं स्वीकृत की गई, जिनकी कुल स्वीकृत लागत 14,823 करोड़ रूपये है। वर्तमान तक 39 परियोजनाएं पूर्ण कर संचालित तथा शेष परियोजनाएं निर्माणाधीन।
ऽ जल जीवन मिशन के अन्तर्गत ग्रामीण पेयजल योजनाओं के लिये सामुदायिक अंशदान हेतु 4500 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के लिये 1100 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऊर्जा
ऽ वर्ष 2024-2025 में माह दिसम्बर तक औसत आपूर्ति ग्रामीण क्षेत्र में 20 घण्टे 35 मिनट, तहसील मुख्यालय में 22 घण्टे 36 मिनट तथा जनपद मुख्यालय में 24 घण्टे रही। प्रदेश में 01 अप्रैल, 2022 से 31 दिसम्बर, 2024 तक कुल 1,87,873 निजी नलकूप कनेक्शन दिये गये।
ऽ कृषि फीडरों के पृथक्कीकरण की योजना के अन्तर्गत 4,680 फीडर्स के लक्ष्य के सापेक्ष 3,817 कृषि फीडर्स का निर्माण।
ऽ उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम द्वारा वर्ष 2024-2025 में दिसम्बर माह तक 7140 मेगावाॅट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता व संयुक्त उपक्रम में चलित 1980 मेगावाॅट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता एवं 37,056 मिलियन यूनिट ताप विद्युत उत्पादन हुआ।
ऽ गैर पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने हेतु पम्प स्टोरेज जल विद्युत परियोजना की स्थापना 3953 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित। यह परियोजना चार वर्षों में पूर्ण होगी। परियोजना हेतु 50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ कोल इण्डिया लिमिटेड के साथ उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड द्वारा संयुक्त उपक्रम के रूप में जनपद जालौन में 500 मेगावाॅट की सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना प्रस्तावित। परियोजना की लागत 2500 करोड़ रुपये अनुमानित। परियोजना हेतु 150 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ एन.टी.पी.सी. ग्रीन एनर्जी लिमिटेड तथा उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड द्वारा संयुक्त उपक्रम के माध्यम से तहसील गरौठा जनपद झाँसी में 200 मेगावाॅट सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना प्रस्तावित, जिसकी अनुमानित लागत 500 करोड़ रुपये है। परियोजना हेतु 80 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत
ऽ प्रदेश में सौर ऊर्जा विद्युत उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये प्रख्यापित उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2022 के अन्तर्गत आगामी 05 वर्षों में 22,000 मेगावाॅट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य।
ऽ अयोध्या शहर को माॅडल सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के 16 नगर निगमों एवं नोएडा शहर को भी सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
ऽ उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा नीति-2022्र के अन्तर्गत कम्प्रेस्ड बायो-गैस, बायो-कोल, बायो-डीजल/बायो-एथेनाॅल से सम्बन्धित 53 परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है तथा 24 परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हंै।
ऽ सौर ऊर्जा नीति-2022 के अन्तर्गत रोजगार सृजन एवं कौशल विकास हेतु वर्ष 2025-2026 में 3000 सूर्यमित्रों को कौशल विकास हेतु प्रशिक्षण दिया जायेगा।
आवास एवं शहरी नियोजन
ऽ प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत लगभग 17 लाख आवास पूर्ण कर लाभार्थियों को आवंटित किये जा चुके हैं।
ऽ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रीजनल रैपिड ट्राँजिट सिस्टम का दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ काॅरिडाॅर संचालित है। सम्पूर्ण काॅरिडाॅर का निर्माण कार्य जून, 2025 तक पूरा किये जाने का अनुमान है।
ऽ आवास एवं विकास परिषद तथा विकास प्राधिकरणों में टाउन शिप विकसित किये जाने हेतु मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/ नये शहर प्रोत्साहन योजना लागू है।
ऽ प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आस-पास के क्षेत्र को सम्मिलित करते हुये स्टेट कैपिटल रीजन गठित किये जाने तथा अन्य रीजन्स के रीजनल प्लान तैयार किये जाने हेतु उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन एवं अन्य रीजन विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2024 प्रख्यापित। स्टेट कैपिटल रीजन में 06 जिले क्रमशः लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली तथा उन्नाव सम्मिलित हैं।
नगर विकास
ऽ अमृत योजना 2.0 के अन्तर्गत अब तक लगभग 39 लाख पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराये गये।
ऽ प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 हेतु 3150 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। प्रधानमंत्री अवास योजना (शहरी) 2.0 हेतु लगभग 1732 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ वर्ष 2021 में प्रारम्भ की गयी अमृत 2.0 योजना हेतु 4100 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट स्कीम (अर्बन) के अन्तर्गत 800 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रदेश के शहरों को बाढ़ की समस्या एवं जलभराव से मुक्ति हेतु अर्बन फ्लड एवं स्टार्म वाटर ड्रेनेज योजना प्रारम्भ, जिसके लिये 1000 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित मलिन बस्ती विकास योजना हेतु 400 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ नगरीय सेवायें और अवस्थापना विकास की नई योजना हेतु 50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ राज्य स्मार्ट सिटी योजना हेतु 400 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ कान्हा गौशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना हेतु 450 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
नागरिक उड्डयन
ऽ वर्ष 2017 के पूर्व प्रदेश में केवल 4 एयरपोर्ट क्रियाशील थे, जबकि वर्तमान मंे प्रदेश में 16 एयरपोर्ट क्रियाशाील हैं। प्रदेश में 04 अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। जेवर एयरपोर्ट के शीघ्र ही संचालित होने के साथ प्रदेश में 05 अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट हो जायेंगे।
ऽ वाराणसी, अलीगढ़ तथा श्रावस्ती एयरपोर्ट का विस्तार, गोरखपुर एयरपोर्ट पर नये टर्मिनल भवन का विकास, आगरा एयरपोर्ट पर नये सिविल एवं तत्संबंधी सुविधाओं का विकास तथा ललितपुर स्थित हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित किये जाने का निर्णय।
नियोजन
ऽ जीरो पाॅवर्टी- उत्तर प्रदेश अभियान हेतु 250 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रदेश में विकास कार्यों हेतु त्वरित आर्थिक विकास योजनान्तर्गत लगभग 2400 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ क्रिटिकल गैप्स योजना हेतु लगभग 152 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रदेश के पूर्वांचल तथा बुन्देलखण्ड क्षेत्रों में स्थित जनपदों के अन्तक्र्षेत्रीय विषमताओं एवं पिछड़ेपन को कम करने के उद्देश्य से क्रमशः 575 करोड़ रूपये तथा 425 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ग्राम्य विकास
ऽ महात्मा गाँधी नरेगा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-2026 हेतु 34 करोड़ मानव दिवस का सृजन किये जाने का लक्ष्य अनुमानित, जिसके सापेक्ष 5372 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत 36 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कराया जा चुका है। योजना हेतु लगभग 4882 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) हेतु 1200 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत निर्मित सड़कों के अनुरक्षण कार्य हेतु 1088 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना हेतु 427 करोड़ रुपये का व्यय अनुमान प्रस्तावित। उक्त योजनान्तर्गत युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने के उपरान्त नियोजित किया जा सकेगा।
पंचायती राज
ऽ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) हेतु 2045 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना हेतु 454 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ ग्रामीण अन्त्येष्टि स्थलों के विकास हेतु लगभग 244 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण स्टेडियम एवं ओपन जिम के निर्माण हेतु 125 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना अन्तर्गत 85 करोड़ रूपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रदेश की प्रत्येक विधान सभा के ग्रामीण क्षेत्र में बारात तथा अन्य सामाजिक आयोजनों हेतु उत्सव भवन का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित।
कृषि
ऽ प्रदेश में दलहनी एवं तिलहनी फसलों के क्षेत्राच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के उद्देश्य से निःशुल्क मिनी किट वितरण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा। उक्त दोनों योजनाओं हेतु 50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रदेश को प्रमाणित बीज उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिये उत्तर प्रदेश बीज स्वावलम्बन नीति, 2024 के अन्तर्गत प्रदेश में सीड पार्क विकास परियोजना संचालित है, जिसके लियेे 251 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ नेशनल मिशन आन नेचुरल फार्मिंग योजनान्तर्गत प्रदेश के समस्त जनपदों में प्राकृतिक खेती का कार्यक्रम संचालित किया जायेगा, जिसके लिय 124 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ पीएम. कुसुम योजनान्तर्गत कृषकों के प्रक्षेत्रों पर सोलर पम्पों की स्थापना कराने के लिये 509 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ कृषि क्षेत्र की क्षमता एवं कौशल विकास तथा उत्पादन वृद्धि की योजना के लिये 200 करोड़ रुपये एवं विश्व बैंक सहायतित यू.पी.एग्रीज परियोजना के लिये 200 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
कृषि शिक्षा एवं अनुसन्धान
ऽ कृषि शिक्षा, शोध एवं प्रसार कार्यों में गतिशीलता बनाये रखने तथा प्रभावी परिणाम कृषकों को उपलब्ध कराने की दृष्टि से प्रदेश में पाँच कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित।
ऽ प्रदेश में 20 नये कृषि विज्ञान केन्द्र स्थापित तथा कुल 89 कृषि विज्ञान केन्द्र संचालित।
ऽ जनपद कुशीनगर में महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु 100 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयों में शोध कार्यक्रम हेतु 25 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रदेश में स्थापित कृषि विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में विभिन्न कार्यों हेतु लगभग 86 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण
ऽ पर ड्राप मोर क्राॅप-माइक्रो इरीगेशन योजना हेतु 720 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ राष्ट्रीय औद्यानिक/ बागवानी मिशन योजना हेतु 650 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के अन्तर्गत प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था हेतु 300 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग
ऽ गन्ना मूल्य के भुगतान हेतु 475 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
पिपराइच चीनी मिल में 60 के.एल.पी.डी. क्षमता की आसवानी की स्थापना हेतु 90 करोड़ रूपये तथा बन्द पड़ी छाता चीनी मिल पर 2000 टी.सी.डी. क्षमता की नई चीनी मिल एवं लाॅजिस्टिक हब वेयर हाउसिंग काम्प्लेक्स की स्थापना हेतु 50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
दुग्ध विकास
ऽ नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत 203 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ दुग्ध संघों के सुदृढ़ीकरण एवं पुनर्जीवित करने की योजनान्तर्गत लगभग 107 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
पशुधन
ऽ प्रदेश में लगभग 12,50,000 गो-वंश, कुल 7713 गोआश्रय स्थलों में संरक्षित। मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना तथा पोषण मिशन अन्तर्गत 1,05,000 पशुपालकों को 1,63,000 गो-वंश सुपुर्द किये गये। पालतू संरक्षित एवं छुट्टा गो-वंश की पहचान हेतु टैगिंग कराये जाने की योजना पर कार्य किया जायेगा।
ऽ छुट्टा गोवंश के रख-रखाव हेतु 2000 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित। वृहद गो- संरक्षण केन्द्रों की स्थापना के लिये 140 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ पशु चिकित्सालयों/पशु सेवा केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण हेतु 123 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
मत्स्य
ऽ प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनान्तर्गत पुरूष लाभार्थियों के लिये 195 करोड़ रुपये तथा महिला लाभार्थियों के लिये 115 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनान्तर्गत एकीकृत एक्वा पार्क मार्केट के निर्माण हेत 190 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
सहकारिता
ऽ उत्तर प्रदेश कोआॅपरेटिव बैंक और जिला सहकारी बैंकांे को आधुनिक आई.टी.तकनीक से सुसम्पन्न करने हेतु टेक्नोलाॅजी अडाॅप्शन, अपग्रेडेशन एवं साइबर सेक्योरिटी के प्रयोजनार्थ 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था से नई योजना लायी जा रही।
ऽ पैक्स के माध्यम से कृषकों को कम ब्याज दर पर फसली ऋण वितरण हेतु ब्याज अनुदान के लिये 525 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ रासायनिक उर्वरकों के अग्रिम भण्डारण योजनान्तर्गत 170 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
खाद्य एवं रसद
ऽ प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत आच्छादित 3.60 करोड़ अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को लगभग 8 लाख मीट्रिक टन राशन का निःशुल्क वितरण प्रतिमाह किया जा रहा।
ऽ वित्तीय वर्ष 2023-2024 में कुल 92.30 लाख मीट्रिक टन निःशुल्क खाद्यान्न का वितरण। भारत सरकार द्वारा 01 जनवरी, 2024 से 05 वर्ष तक के लिये निःशुल्क खाद्यान्न वितरण कराये जाने के निर्णय के क्रम में प्रदेश में निःशुल्क
खाद्यान्न वितरण कराया जा रहा।
ऽ अधिनियम-2013 के अन्तर्गत त्रैमासिक आधार पर अन्त्योदय लाभार्थियों को 01 किलोग्राम प्रति परिवार / प्रतिकार्ड / प्रतिमाह की दर से प्रति त्रैमास लगभग 12,283 मीट्रिक टन चीनी का आवंटन किया जा रहा।
ऽ अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
बेसिक शिक्षा
ऽ बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 680 कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों का उच्चीकरण कक्षा-12 तक करते हुये कमजोर वर्ग की बालिकाओं को कक्षा-12 तक की निःशुल्क आवासीय शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है।
ऽ प्रदेश में प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक की समेकित शिक्षा के लिये अत्याधुनिक अवस्थापना सुविधाओं के साथ उत्कृष्ट शैक्षणिक परिवेश उपलब्ध कराने हेतु नवीन 57 मुख्यमंत्री माॅडल कम्पोजिट विद्यालय स्वीकृत किये गये हैं जिनमें से वर्तमान वित्तीय वर्ष में 22 विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया गतिमान है, जिसकी निर्माण इकाई लागत 25 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त प्रति विद्यालय 5 करोड़ रुपये की दर से फर्नीचर एवं उपकरण उपलब्ध कराये जायेंगे।
ऽ बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्र्राथमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिये 2000 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ पी0एम0-श्री योजनान्तर्गत चयनित विद्यालयों के बच्चों को स्मार्ट शिक्षा से जोड़े जाने हेतु 580 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ समग्र शिक्षा योजनान्तर्गत समस्त प्राथमिक विद्यालयों को राज्य निधि से स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किये जाने हेतु 300 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग हेतु 350 करोड़ रुपये, निःशुल्क यूनीफार्म हेतु 168 करोड़ रुपये तथा परिषदीय विद्यालयों एवं सहायता प्राप्त अशासकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों के परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति हेतु लगभग 38 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
माध्यमिक शिक्षा
ऽ समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन हेतु 666 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के भवन निर्माण, विस्तार, विद्युतीकरण एवं भूमि/भवन क्रय हेतु 479 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के अन्तर्गत पँूजीगत परिसम्पत्तियों के सृजन हेतु 150 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ अत्याधुनिक डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना हेतु 80 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल, लखनऊ के निर्माण कार्य हेतु 25 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ राजकीय संस्कृत पाठशालाओं के निर्माण के लिये 13 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ माध्यमिक विद्यालयों में संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान किये जाने के लिये 20 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ पूर्वांचल का प्रथम एवं प्रदेश के दूसरे सैनिक स्कूल जनपद गोरखपुर की स्थापना एवं संचालन।
ऽ एन0सी0सी0 प्रशिक्षण अकादमी का जनपद गोरखपुर में निर्माण प्रारम्भ किया जा चुका है, जिसके लिये 20 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
उच्च शिक्षा
ऽ प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान योजना के संचालन हेतु 600 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना के अन्तर्गत कालेज जाने वाली मेधावी छात्राओं को स्कूटी प्रदान किये जाने हेतु 400 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 100 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ विन्ध्यांचल धाम मण्डल में माँ विन्ध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु 50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु 50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ राजकीय महाविद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों को पूर्ण किये जाने हेतु 52 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
प्राविधिक शिक्षा
ऽ प्रदेश में डिप्लोमा स्तरीय 184 संस्थाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा। 36 राजकीय पालीटेक्निक निर्माणाधीन हैं।
ऽ राजकीय पालीटेक्निक काॅलेजों में 251 स्मार्ट क्लास रूम की स्थापना की जा चुकी है।
ऽ राजकीय पाॅलीटेक्निक काॅलेजों में नवीन टेक्नोलाॅजी से सुसज्जित उन्नयन /सेन्टर आॅफ एक्सीलेन्स की स्थापना हेतु 100 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ राजकीय पाॅलीटेक्निक काॅलेजों में स्मार्ट क्लास रूम, प्रयोगशालाओं के नवीनीकरण हेतु 10 करोड़ रुपये एवं प्रदेश में आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स शिक्षा हेतु सेन्टर आॅफ एक्सीलेन्स की स्थापना के लिये 1 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास
ऽ वर्तमान में प्रदेश में 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हो रहे, जिनमें विभिन्न व्यवसायों की 1,90,064 सीटें युवाओं के प्रशिक्षण हेतु उपलब्ध।
ऽ प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में से 47 महिलाओं के प्रशिक्षण हेतु महिला शाखा संचालित कराई जा रही। प्रदेश में महिलाओं हेतु 12 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्वतंत्र रूप से संचालित हो रहे।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
ऽ प्रदेश में विज्ञान पार्काे, साइंस सिटी तथा नक्षत्रशालाओं की स्थापना हेतु 50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ आगरा में साइंस सिटी की स्थापना हेतु 25 .करोड़ रुपये एवं वाराणसी में साइंस सिटी तथा नक्षत्रशाला की स्थापना हेतु 5 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
खेल एवं युवा कल्याण
ऽ प्रदेश स्तर पर एक खेल विश्वविद्यालय का निर्माण जनपद मेरठ में किया जा रहा, जिसके लिये कुल 223 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ जनपद वाराणसी में पी0पी0पी0 माॅडल पर अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण तथा खेलो इण्डिया के अन्तर्गत वाराणसी के सिगरा स्टेडियम का व्यापक विकास कराया जा रहा।
ऽ प्रदेश में पहली बार भारत सरकार के सहयोग से ‘‘एक जनपद एक खेल’’ योजनान्तर्गत 72 जनपदों में खेलो इण्डिया सेन्टर संचालित। वित्तीय वर्ष 2025-2026 में शेष 03 जनपदों में प्रशिक्षण के चयन आदि की कार्यवाही प्रस्तावित।
धर्मार्थ कार्य
ऽ श्री बांके बिहारी जी महाराज मन्दिर मथुरा-वृन्दावन काॅरिडोर निर्माण हेतु भूमि क्रय के लिये 100 करोड़ रुपये तथा निर्माण हेतु 50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ जनपद मिर्जापुर के त्रिकोणीय क्षेत्र में माँ विन्ध्यवासिनी मन्दिर, माँ अष्टभुजा मन्दिर, माँ काली खोह मन्दिर के परिक्रमा पथ एवं जनसुविधा स्थलों के विकास हेतु भूमि क्रय के लिये 100 करोड़ रुपये तथा वृहद निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ जनोपयोगी संरक्षित मन्दिरों के जीर्णोंद्धार एवं पुनर्निर्माण हेतु 30 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान।
ऽ जनपद सीतापुर के नैमिषारण्य में वेद विज्ञान केन्द्र की स्थापना हेतु 100 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
पर्यटन
ऽ वर्ष 2024 में जनवरी से दिसम्बर तक उत्तर प्रदेश में कुल 65 करोड़ से अधिक पर्यटक आये, जिनमें विदेशी पर्यटकों की संख्या 14 लाख है।
ऽ मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों का विकास योजना के लिये 400 करोड़ रुपये, जिसमें अयोध्या क्षेत्र में पर्यटन अवस्थपना सुविधाओं के विकास के लिये 150 करोड़ रुपये, मथुरा के लिये 125 करोड़ रुपये तथा नैमिषारण्य के विकास हेेतु 100 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रदेश के प्रमुख राज्य/राष्ट्रीय राजमार्ग पर पर्यटकों की सुविधा हेतु वे-साईड एमेनिटीज के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ चित्रकूट क्षेत्र में पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु 50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
वन एवं पर्यावरण
ऽ वर्ष 2021-2022 से वर्ष 2024-2025 तक प्रदेश में कुल 138.98 करोड़ पौधरोपण किया गया। वर्षाकाल-2025 में वृक्षारोपण हेतु 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य प्रस्तावित।
ऽ जनपद गोरखपुर में उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिक विश्वविद्यालय की स्थापना किये जाने की नई योजना प्रस्तावित की गई, जिसके लिये लगभग 50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
महिला एवं बाल विकास
ऽ निराश्रित महिला पेंशन योजनान्तर्गत पात्र लाभार्थियों को देय पेंशन के भुगतान हेतु 2980 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजनान्तर्गत 700 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर नगर, झाँसी एवं आगरा में मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण की नई योजना प्रस्तावित, जिसके लिये 170 करोड़ रुपये का बजट व्यवस्था।
ऽ कोविड के दौरान जिन बच्चों ने अपने माता-पिता को खोया, उनकी देखभाल और वित्तीय सहायता के लिये उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना हेतु 252 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ पुष्टाहार कार्यक्रम के अन्तर्गत समन्वित बाल विकास परियोजनाओं पर राज्य सरकार द्वारा दिये जाने वाले पोषाहार के लिये लगभग 4119 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ आगंनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाओं को अतिरिक्त मानदेय के भुगतान हेतु 971 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना हेतु 100 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
समाज कल्याण
ऽ वृद्धावस्था/किसान पेंशन योजनान्तर्गत प्रति लाभार्थी 1000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही। इस हेतु लगभग 8105 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ सभी वर्गों की पुत्रियों के विवाह हेतु अनुदान के लिये मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना हेतु 550 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ अनुसूचित जाति के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना हेतु 100 करोड़ रूपये तथा सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी योजना हेतु 50 करोड रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ वृद्ध एवं अशक्त व्यक्तियों के लिये आवासीय गृह संचालित करने हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को सहायता प्रदान किये जाने हेतु 60 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ अनुसूचित जाति पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना हेतु लगभग 968 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ सामान्य वर्ग पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत 900 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
जनजाति विकास
ऽ अनुसूचित जनजाति के छात्र/छात्राओं को पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना हेतु लगभग 6 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
पिछड़ा वर्ग कल्याण
ऽ पिछड़ा वर्ग पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना हेतु 2825 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ पिछड़ा वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना हेतु 200 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवक एवं युवतियों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिलाये जाने हेतु 35 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण
ऽ दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजनान्तर्गत 1424 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को कृृत्रिम श्रवण सहायक यंत्र आदि खरीदने के लिये आर्थिक सहायता की योजना हेतु 35 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ असहाय दिव्यांग व्यक्तियों को बीमारी के इलाज हेतु अनुदान योजना के लिये 10 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
अल्पसंख्यक कल्याण
ऽ अल्पसंख्यक समुदाय के विकास एवं उत्थान हेतु वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 1998 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र/छात्राओं को पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत ं365 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
न्याय
ऽ उच्च न्यायालय, इलाहाबाद की लखनऊ पीठ के लिये नये भवनों के निर्माण के लिये 150 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रदेश के विभिन्न जनपदों में न्यायालयों की स्थापना हेतु 120 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ अधीनस्थ न्यायालयों की सुरक्षा हेतु सी.सी.टी.वी. एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों के लिये 100 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तिगण तथा न्यायिक अधिकारियों के आवासीय भवनों के निर्माण हेतु लगभग 352 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति को अनुदान हेतु 20 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ युवा अधिवक्ताओं के लिये काॅर्पस फण्ड हेतु 5 करोड़ रूपये तथा उनके लिये किताब एवं पत्रिका हेतु 10 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ अधिवक्ता चैम्बर के निर्माण एवं उनमें अन्य अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु 20 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
राजस्व
ऽ कृषकों को दुर्घटनावश मृत्यु/ दिव्यांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना हेतु 1050 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रदेश के राजस्व कार्मिकों को आॅनलाइन कार्यों हेतु लैपटाप/स्मार्ट फोन आदि उपलब्ध कराये जाने के लिये 24 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ प्रदेश में 08 मण्डलीय लेखपाल प्रशिक्षण विद्यालयों/छात्रावासों का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है।
परिवहन
ऽ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस स्टेशनों, डिपो कार्यशाला आदि का निर्माण तथा बस बेड़ों में वृद्धि सम्बन्धी कार्यो हेतु 400 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
ऽ मुख्यमंत्री ग्राम जोड़ो योजना हेतु मध्यम श्रेणी की इलेक्ट्रिक बसांें के क्रय हेतु 100 करोड़ रुपये तथा चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना हेतु 50 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित।
राजकोषीय सेवायें
राज्य वस्तु एवं सेवा कर तथा मूल्य संवर्द्धित कर
ऽ राज्य वस्तु एवं सेवा कर तथा मूल्य संवर्धित कर से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 01 लाख 30 हजार 425 करोड़ रुपये (1,30,425 करोड़ रुपये) निर्धारित किया गया है।
आबकारी शुल्क
ऽ आबकारी शुल्क से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 63 हजार करोड़ रुपये (63,000 करोड़ रुपये) निर्धारित किया गया है।
स्टाम्प एवं पंजीकरण
ऽ स्टाम्प एवं पंजीकरण से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 38 हजार 150 करोड़ रुपये (38,150 करोड़ रुपये) निर्धारित किया गया है।
वाहन कर
ऽ वाहन कर से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 14 हजार करोड़ रुपये (14,000 करोड़ रुपये) निर्धारित किया गया है।
वित्तीय वर्ष के बजट अनुमान 2025-2026
ऽ प्रस्तुत बजट का आकार 08 लाख 08 हजार 736 करोड 06 लाख रुपये (8,08,736.06 करोड़ रुपये) है।
ऽ बजट में 28 हजार 478 करोड 34 लाख रुपये (28,478.34 करोड़ रुपये) की नई योजनाएं सम्मिलित की गई हैं।
प्राप्तियाँ
ऽ कुल प्राप्तियाँ 07 लाख 79 हजार 242 करोड़ 65 लाख रुपये (7,79,242.65 करोड़ रुपये) अनुमानित है।
ऽ कुल प्राप्तियों में 06 लाख 62 हजार 690 करोड़ 93 लाख रुपये (6,62,690.93 करोड़ रुपये) की राजस्व प्राप्तियाँ तथा 01 लाख 16 हजार 551 करोड़ 72 लाख रुपये (1,16,551.72 करोड़ रुपये) की पँूजीगत प्राप्तियाँ सम्मिलित हैं।
ऽ राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व का अंश 05 लाख 50 हजार 172 करोड़ 21 लाख रुपये (5,50,172.21 करोड़ रुपये) है। इसमें स्वयं का कर राजस्व 02 लाख 95 हजार करोड़ रुपये (2,95,000 करोड़ रुपये) तथा केन्द्रीय करों में राज्य का अंश 02 लाख 55 हजार 172 करोड़ 21 लाख रुपये (2,55,172.21 करोड़ रुपये) सम्मिलित है ।
व्यय
ऽ कुल व्यय 08 लाख 08 हजार 736 करोड़ 06 लाख रुपये (8,08,736.06 करोड़ रुपये) अनुमानित है।
ऽ कुल व्यय में 05 लाख 83 हजार 174 करोड़ 57 लाख रुपये (5,83,174.57 करोड़ रुपये) राजस्व लेखे का व्यय है तथा 02 लाख 25 हजार 561 करोड़ 49 लाख रुपये (2,25,561.49 करोड़ रुपये) पँूजी लेखे का व्यय है।
समेकित निधि
ऽ समेकित निधि की प्राप्तियों से कुल व्यय घटाने के पश्चात् 29 हजार 493 करोड़ 41 लाख रुपये (29,493.41 करोड़ रुपये) का घाटा अनुमानित है ।
लोक लेखा
ऽ लोक लेखे से 09 हजार 500 करोड़ रुपये (9,500 करोड़ रुपये) की शुद्ध प्राप्तियाँ अनुमानित हैं ।
समस्त लेन-देन का शुद्ध परिणाम
ऽ समस्त लेन-देन का शुद्ध परिणाम 19 हजार 993 करोड 41 लाख रुपये (19,993.41 करोड़ रुपये) ऋणात्मक अनुमानित है।
अन्तिम शेष
ऽ प्रारम्भिक शेष 20 हजार 240 करोड़ 81 लाख रुपये (20,240.81 करोड़ रुपये) को हिसाब में लेते हुये अन्तिम शेष 247 करोड़ 40 लाख रुपये (247.40 करोड़ रुपये) अनुमानित है।
राजस्व बचत
ऽ राजस्व बचत 79 हजार 516 करोड़ 36 लाख रुपये (79,516.36 करोड़ रुपये) अनुमानित है।
राजकोषीय घाटा
ऽ राजकोषीय घाटा 91 हजार 399 करोड़ 80 लाख रुपये (91,399.80 करोड़ रुपये) अनुमानित है, जो वर्ष के लिये अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 2.97 प्रतिशत है।
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