ताज़ा खबरें

7/recent/ticker-posts

BM Exclusive: सदर सीट पर नईम सिद्दीकी का एक्शन, सेक्युलर खेमे को दे रहा टेंशन!

 

मो उमैर


 Barabanki... जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आता जा रहा है। जिले की सदर विधानसभा सीट पर इन सियासी माहौल गर्माया जाता है। यहां एक मुस्लिम नेता की रीलांचिंग हुई है। जिसकी वजह से कथित सेक्युलर खेमे में हड़बड़ी मची हुई है। ऐसे माहौल में किसी की दिल की धड़कने बढ़ रही हैं, तो कोई इस माहौल का खूब मजा ले रहा है। मुस्लिम इलाकों के होटलों और चौक चौबारों इन दिनों उनकी खूब चर्चा है।

 दरअसल सदर विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों मुस्मिम कांग्रेसी नेता नईम सिद्दीकी की सक्रियता तेज हो गई है। शादी, बारात, टूनामेंट और उर्स समेत तमाम प्रोग्रामों में वो लगातार शिरकत कर रहे हैं। इसके अलावा वो जनसमस्याओं को लेकर भी दौड़ भाग करने लगे हैं। वैसे तो उनका लंबा समाजिक जीवन रहा है, लेकिन विधनासभा चुनाव से पहले अचानक उनकी सक्रियता उनकी सियासी महत्वाकांक्षाओं को भी उजागर कर रही है। चर्चा है कि वो सदर विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ सकते हैं। इस कयास से जहां वो सपा विरोधी खेमे की आंखों के तारे बने हुए हैं, तो वहीं वो समाजवाद के एडिक्टेड मुस्लिमों के आंख में खटक रहे हैं। इन लोगों का तर्क और डर यही है कि उनके लड़ने से सपा को नुकसान पहुंच जाएगा और बीजेपी को इसका फायदा मिल जाएगा। इन सब कयासों को लेकर सियासी चर्चाएं जोरों पर हैं।

 नईम सिद्दीकी जिले में रिलांचिंग जरूर है,लेकिन वो जिले में 2002 के विधानसभा चुनावों से सक्रिय हैं। 2002 में बीएसपी के टिकट से नवाबगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़े और तीसरे नंबर पर रहे, लेकिन उनकी जीत का अंतर सिर्फ ढाई हजार वोटों का ही रहा था। उस वक्त तो यहां तक कहा गया कि अगर वो मुसलमानों में थोड़ी मेहनत और करते, तो वो विधायक होते। 2007 के चुनावों में बीएसपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया,तो वो कांग्रेस में चले गए। 2007 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े,लेकिन प्रदर्शन कोई खास नहीं रहा। इसके बाद वो बाराबंकी में कम ही नजर आए, आए भी तो इतना नहीं जितना आजकल सक्रिय हैं। वो लखनऊ में भी सक्रिय रहे, 2022 का विधानसभा चुनाव उनकी पत्नी ने कांग्रेस के टिकट लखनऊ से लढ़ा लेकिन सपा उम्मीदवार के सामने टिक नहीं सकीं। टेक्निकल तौर पर इस नईम सिद्दीकी कांग्रेसी हैं, लेकिन जिले के कांग्रेसी नेताओं की लाइन से अलग हैं। 

अब बात कयासों की जिन्हें लेकर वो चर्चा में हैं। कहा जा रहा है कि वो सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। फिलहाल वो कांग्रेसी हैं और ये लगभग तय है कि सपा-कांग्रेस 2027 का विधानसभा चुनाव इंडिया गठबंधन में ही लड़ेंगे, ऐसे में कांग्रेस से तो उनका चुनाव लड़ने का ख्वाब पूरा होने को रहा। बीएसपी में भी रहे हैं और जिले के बीएसपी नेताओं के संपर्क में भी हैं। इससे एक कयास ये भी लगाया जा रहा है कि वो बीएसपी से टिकट ला सकते हैं। बीएसपी से टिकट लाने के लिए जो अहम योग्यता है, वो भी उनमें कूट-कूटकर भरी हुई है और बदले माहौल में तो उस योग्यता का बहुत थोड़ा सा ही प्रदर्शन करना होगा और टिकट उनके हाथ में होगा।

 फिलहाल इन कयासों और अटकलों से सदर सीट का माहौल सेक्युलर खेमें में गर्माया हुआ है। नईम सिद्दकी के चुनाव लड़ने के बाद नतीजे क्या होंगे इस पर टिप्पणी जल्दबाजी होगी,लेकिन इतना तो तय है कि उनके चुनाव लड़ने का सीधा असर सेक्युलर खेमे गठबंधन या दल पर पड़ेगा। मुस्लिम वोट कितना आएगा या नहीं ये तो नतीजे ही बताएंगे, लेकिन अगर वो बीएसपी से टिकट लाने में सफल रहते हैं, तो नतीजों को प्रभावित करने में जरूर कामयाब रहेंगे। अब देखना ये है कि वो किस दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरते हैं और सदर सीट पर सपा के तिलिस्म के आगे वो कहां पर टिकते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ