Barabanki News... जनपद में इन दिनों तेज रफ्तार और ओवरलोड डंपरों का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेष रूप से लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर। इसके साथ ही कई प्रमुख सड़कों पर डंपर समेत भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही जानलेवा साबित हो रही है। बीते कुछ महीनों में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में डंपरों की चपेट में आकर कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं,लेकिन लगातार हो रहे हादसों के बावजूद परिवहन विभाग और पुलिस प्रभावी नियंत्रण करने में नाकाम दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल यही है कि लापरवाही से हो रही मौतों का जिम्मेदार कौन है?
ज्ञात हो कि हाल ही में फतेहपुर तहसील क्षेत्र के झांसा पुरवा गांव में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे जिले को झकझोर दिया। बिजली कटौती के कारण घर के बाहर सो रहे एक परिवार पर तेज रफ्तार डंपर चढ़ गया, जिससे एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
निंदूरा से अमित गुप्ता ने बताया कि लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर डायवर्सन के चलते भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया है। दिन-रात डंपर बगैर सुरक्षा मानकों के और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हुए सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिनकी गति पर कोई नियंत्रण नहीं है। लोगों का कहना है कि ओवरलोड वाहनों की जांच और कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। यही वजह है कि डंपर बेलगाम हैं।
थम नहीं रहे हादसे
20 अप्रैल को बड्डूपुर थाना क्षेत्र के रीवासीवा कस्बे के पास तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार परिवार को टक्कर मार दी थी। हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग घायल हुए थे। घटना के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया था।
6 फरवरी को थाना कुर्सी क्षेत्र में कपूर कोल्ड स्टोरेज के पास तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी थी। हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ था।
10 जनवरी को बड्डूपुर क्षेत्र में बीएससी का पेपर देने जा रहे छात्रों की बाइक को डंपर ने टक्कर मार दी थी, जिसमें एक छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके अलावा जिले के हैदरगढ़, रामसनेहीघाट, सफदरगंज, देवा, मसौली, फतेहपुर और नगर कोतवाली क्षेत्रों में भी भारी वाहनों से जुड़े हादसे लगातार सामने आते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते चार महीनों में केवल लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर ही आधा दर्जन से अधिक गंभीर हादसे हो चुके हैं, जबकि पूरे जिले में ऐसी घटनाओं की संख्या सैकड़ों तक पहुंच चुकी है।
डंपरों की भिड़ंत से हड़कंप
निंदूरा में लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग पर भारी वाहनों, खासकर डंपरों की तेज रफ्तार और लापरवाही लगातार हादसों का कारण बन रही है। रविवार देर रात बड्डूपुर थाना क्षेत्र के टिकरा गांव के पास सड़क किनारे खड़े एक डंपर में पीछे से आ रहे दूसरे डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सड़क किनारे खड़ा डंपर नीचे खाई में जा गिरा, जबकि दूसरे डंपर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। राहत की बात यह रही कि दोनों डंपरों के चालक और खलासी बाल-बाल बच गए, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। बताया जा रहा है कि डंपर कानपुर से गिट्टी लेकर सीतापुर की ओर जा रहा था। हादसे के बाद मार्ग पर लंबा जाम लग गया और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। सूचना मिलने पर बड्डूपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से क्षतिग्रस्त डंपरों को सड़क किनारे हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। वहीं क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर लगातार बढ़ रहे डंपरों के दबाव और तेज रफ्तार के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
जिम्मेदार विभागों पर सवाल
लोगों का आरोप है कि परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन डंपरों की अनियंत्रित रफ्तार और ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने में असफल साबित हो रहे हैं। कई स्थानों पर बिना फिटनेस और नियमों की अनदेखी करते हुए वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं। रात्रि के समय स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है, जब तेज रफ्तार भारी वाहन गांवों और कस्बों के बीच से गुजरते हैं।
ये है मांग
जिले भर में विशेष अभियान चलाकर ओवरलोड और तेज रफ्तार डंपरों की जांच की जाए। प्रमुख मार्गों पर पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त निगरानी बढ़ाई जाए, स्पीड कंट्रोल के उपाय किए जाएं तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो सड़क हादसों में लगातार निर्दोष लोगों की जान जाती रहेगी।

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