Barabanki News... फरजाना बेगम मेमोरियल ट्रस्ट का पांचवां इस्लामिक क्विज एवं मुकाबला-ए-किरात नगर के सत्यप्रेमी नगर मोहल्ला स्थित मस्जिदे अक्सा में गुरुवार को आयोजित हुआ। इस्लामिक क्विज मुकाबले में मदरसा शहाबुल उलूम के छात्र मोहम्मद आसिफ पुत्र मुहम्मद नासिर अव्वल, मदरसा दार-अल-अरकम, जहांगीराबाद के छात्र अब्दुल कादिर पुत्र अब्दुल हबीब दूसरे और मदरसा अल-महद इस्लामिया, लखनऊ के छात्र मोहम्म जैद पुत्र रफीक अहमद ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। जबकि मुकाबला-ए-किरात में मदरसा दार-अल-अरकम, जहांगीराबाद के छात्र मो फैजान पुत्र मुहम्मद इमरान इव्वल, मदरसा शहाबुल उलूम, शहाबपुर के छात्र नदाब आलम पुत्र अजीमुद्दीन दबसर् और तीसरे स्थान पर शहाबुल उलूम के छात्र मोहम्मद अब्दुल्लाह मोहम्मद अबरार ने हासिल किया। सभी बच्चों को इनाम और देकर सम्मानित किया गया। इस्लामिक क्विज एवं मुकाबला-ए-किरात में 8 मदरसों के 32 छात्रों ने हिस्सा लिया। फरजाना बेगम मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. ए.एच. उस्मानी ने बच्चों की हौसला-अफजाई करते हुए कहा कि सभी बच्चे उर्दू लिखने की मश्क करें और रोजाना 5 सफें लिखने की आदत डालें। साथ ही उन्होंने मदरसों के जिम्मेदारों से कहा कि अगले साल के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दें और बच्चों से बार-बार इस्लामी सवालात की मश्क कराने के साथ टेस्ट भी लेते रहें। इस मौके पर कारी इस्माइल साहब ने कहा कि मदरसों के बच्चों को उर्दू पढ़ाने और लिखवाने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि ज्यादातर लोग कलमा भी ठीक से नहीं पढ़ते हैं और जल्दी की वजह से कलमे के पूरे अल्फाज भी अदा नहीं हो पाते हैं। वहीं मौलाना समीर ने कार्यक्रम की कामयाबी और बच्चों की हौसला-अफजाई करते हुए बच्चों को और मेहनत करने की राय दी। मौलाना इमरान नदवी ने कहा कि इस कार्यक्रम में मदरसों के अलावा स्कूल के बच्चों को भी शामिल किया जाना चाहिए। मौलाना शादाब ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम हर स्कूल और मदरसे में होते रहना चाहिए, ताकि बच्चों के अंदर से झिझक खत्म हो और वे आगे होने वाले मुकाबलों में कामयाबी हासिल कर सकें।




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