Barabanki News... जिले के सफदरगंज थाना क्षेत्र में बीज शोधन की खराब दवा के छिड़काव से एक किसान की करीब 12 बीघा आलू की फसल बर्बाद हो गई। इसके चलते किसान की हजारों रुपये की लागत तो खराब गई ही, उसकी फसल भी पिछड़ गई है। किसान आलू की खराब फसल को खेत में जुतवाने को मजबूर है। किसान ने दवा विक्रेता के खिलाफ जिला प्रशासन को तहरीर दी है। शिकायत के आधार कृषि विभाग की टीम ने मौके का मुआएना किया है।
आपको बता दें कि नसीरनगर निवासी मेघराज वर्मा पुत्र शिवशंकर वर्मा ने 24 अक्टूबर को सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम जकरिया स्थित अजय कुमार पुत्र बाबूलाल की दुकान से आलू बीज शोधन की दवा खरीदी थी। पीड़ित किसान ने बीज शोधन कर गत 27 अक्टूबर को आलू की बुआई कर दी, लेकिन आलू का कल्ला आज तक नहीं निकला। पीड़ित किसान ने बीज़ शोधन के लिए लायी गयी दवा की शीशी को जब अन्य किसानों को दिखाया, तो लोगो ने बताया कि इंडीशन नामक यह दवा बीज़ शोधन की नहीं बल्कि ग्रोथ बढ़ाने की दवा है। वह भी गत जून माह में इक्सपायर हो चुकी है। पीड़ित किसान द्वारा आलू को खोद कर देखा तो मात्र गांठ बनी हुई है। जिसकी शिकायत को लेकर जब किसान दुकान पर पहुंचा तो दुकानदार अजय पुत्र बाबूलाल गंदी-गंदी गालियां देते हुए आमादा फौजदारी हो गया।
पीड़ित किसान ने सफदरगंज पुलिस सहित जिलाधिकारी एव कृषि विभाग को शिकायती पत्र देते हुए कार्यवाही की मांग की है। जमीन में जड़ें न फैलने व ऊपर कल्ला न आने से किसान का लाखों का नुकसान हो गया। किसान का आरोप है कि दुकान से बीज शोधन की खराब दवा दी गई। दवा के स्प्रे के बाद खेत में गाड़े गए बीज में अंदर की ओर न तो जड़ें निकलीं और न ही ऊपर की ओर कल्ला बढ़ा। पीड़ित किसान की तहरीर पर कृषि विभाग से आये नरेंद्र कुमार वर्मा ने नष्ट हुई फ़सल का जायजा लिया तथा आलू की क्यारियों को खोद कर देखा।
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