Barabanki News... DM शशांक त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, प्रशिक्षु आईएएस तेजस के., और जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ लोकसभागार में सोमवार को ग्राम विकास विभाग, पंचायती राज, गोशालाओं और जिला स्वच्छता समिति की योजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मनरेगा में फर्जीवाड़े की शिकायत मिली तो होगी कार्रवाई
ग्राम विकास विभाग की समीक्षा करते हुए DM ने कहा कि मनरेगा में फर्जीवाड़े की बहुत शिकायतें मिल रही है। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि सभी अधिकारी अच्छे से कार्य करे इसमें किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो सम्बंधित पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। जितने लोग कार्य कर उनकी ही हजारी भरी जाए और समय पर उनका भुगतान भी कराया जाए।
वृक्षारोपण की बनाए कार्ययोजना
जिलाधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण के लिये अभी से कार्ययोजना बना ली जाए।
जिससे पौधरोपण के समय किसी प्रकार की समस्या न आने पाए। ग्राम पंचायतों में कितने पौधे कहाँ-कहाँ लगने है ? उन स्थानों को चिन्हित कर लिए जाए साथ ही पौधों की उपलब्धता और रोपित पौधों की देखभाल आदि के विषय में जरूरी कार्ययोजना बना ली जाए। नदियों और झीलों के पुनरुद्धार के लिये भी योजनाएं बनाई जाए। निर्मित अन्नापूर्णा स्टोर को समय पर पूर्ण करा लिया जाए। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), इंदिरा आवास योजना आदि के कार्यों को प्राथमिकता के पूर्ण किया जाए।
गांवों की स्वच्छता पर दे विशेष ध्यान
पंचायती राज विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गांवों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। नालियों की सफ़ाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। अधूरे व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण में तेजी लाई जाए और समय पर पूर्ण कराया जाए। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए।
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सीसीटीवी कैमरों से होगी गोशालाओं की निगरानी
DM शशांक त्रिपाठी ने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले की सभी गोशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य शीघ्रता से पूरा किया जाए, जिससे गोशालाओं की निगरानी कंट्रोल रूम द्वारा की जा सके। उन्होंने कहा कि गोशालाओं में नर और मादा को पृथक-पृथक करके रखा जाए। बीमार पशुओं के लिये अलग वार्ड बनाया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि गोशालाओं में रहने वाले गोवंशों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्हें पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। धूप से बचाव के लिये पर्याप्त शेड और परिसर में पौधरोपण कराया जाए। मृतक पशुओं के शवों का निस्तारण ठीक प्रकार से किया जाए। अधिकारी नियमित गोशालाओं का विजिट करते रहे और उनमें पाई जाने वाली कमियों को अवगत कराते रहे जिससे सम्बंधित अधिकारियों को कमियां को दूर करने के लिये निर्देशित किया जाए।
Gaushalas will be under the supervision of the third eye, DM gave instructions to complete the work soon

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