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Barabanki: DM ने बाढ़ सुरक्षा तैयारियों का किया स्थलीय निरीक्षण, ग्रामीणों से भी लिए सुझाव

 

Barabanki News... जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा, राहत एवं बचाव उपायों की तैयारियों को परखने के लिए DM शशांक त्रिपाठी ने शुक्रवार को रामनगर तहसील के विभिन्न संवेदनशील व अति संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया।

   

हेतमापुर में शरणालय निर्माण का निरीक्षण 

 निरीक्षण की शुरुआत हेतमापुर से हुई, जहाँ संभावित आपदा की स्थिति में ग्रामीणों के अस्थायी आवास हेतु शरणालय का निर्माण कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल की भौतिक प्रगति देखी तथा निर्माण की गुणवत्ता, पेयजल, शौचालय, विद्युत, प्राथमिक चिकित्सा, शयन व्यवस्था एवं महिला-बाल हितैषी सुविधाओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा बताया गया कि शरणालय के हस्तांतरण हेतु समिति गठित हो चुकी है शीघ्र ही हस्तांतरण की प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी।

   

 हेतमापुर कटाव व बबुरी (सरसंडा) कटाव स्थलों का निरीक्षण एवं ग्रामीणों से किया संवाद 

 शरणालय निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने हेतमापुर कटाव स्थल तथा बबुरी मजरे सरसंडा में सरयू नदी के किनारे स्थित कटान प्रभावित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर कटान की गंभीरता का आंकलन करते हुए संबंधित अभियंताओं से तत्कालिक समाधान व सुरक्षा उपायों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान ग्रामवासियों से सीधा संवाद स्थापित कर उनके अनुभव एवं सुझाव सुने। 

ग्रामीणों ने विगत वर्षों बाढ़ के दौरान आई कठिनाइयों के बारे में जानकारी दी, जिस पर जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि इस बार समय से पूर्व सभी तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि जन-धन की हानि को पूरी तरह रोका जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां आवश्यक हो, वहाँ अतिरिक्त सुरक्षा उपाय, जैसे जियोबैग, बोल्डर बिछाव और ब्रेसिंग कार्य कर लिए जाय। 

चहलारीघाट-गणेशपुर तटबंध में किमी 43.414 से 43.740 के मध्य ₹684.02 लाख की लागत बाढ़ बचाव हेतु किये जा रहे कार्यो का किया निरीक्षण 
 अगले चरण में जिलाधिकारी ने चहलारीघाट-गणेशपुर तटबंध में चल रहे रिवेटमेंट व कटाव-निरोधक कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने सिंचाई विभाग और कार्यदायी संस्था को सख्त निर्देश दिए कि सभी कार्य वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले पूर्ण कर लिए जाएं। 

 इस दौरान उन्होंने ग्राम कुसौरा के ग्रामीणों से संवाद भी किया और राहत व्यवस्था से संबंधित उनके सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है और किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। 

 ज्ञातव्य है कि सरयू(घाघरा)नदी के दायें तट पर स्थित चहलारीघाट-गणेशपुर तटबंध में किमी 43.414 से 43.740 तक विस्तारित क्षेत्र में बाढ़ से बचाव हेतु विभिन्न कार्य सिचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे है, जिसकी कुल लागत ₹684.02 लाख है। यह तटबंध लगभग 8250 की आबादी व 7622 हेक्टेयर कृषि भूमि को सुरक्षा प्रदान करेगा।निर्माण में स्टोन बोल्डर, जियोबैग, जियोफेब्रिक, बांस ब्रेसिंग जैसी बहुस्तरीय संरचनात्मक तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है। 

 अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़ी समस्त तैयारियों को समय से पूर्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ चौकियों को सक्रिय किया जाए, स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात रहें तथा संक्रामक रोगों की रोकथाम की योजनाएं तैयार हों। उन्होंने पशुपालन, पंचायत, ग्राम्य विकास, आपदा प्रबंधन सहित सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ग्रामस्तर पर अधिकारी नियमित भ्रमण करें, स्थानीय निवासियों से संवाद बनाएं और जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं को समझते हुए राहत योजनाएं बनाएं।


DM conducts on-site inspection of flood protection preparations, also takes suggestions from villagers

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