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Barabanki: लोकतंत्र हत्या दिवस के बहाने ब्रजेश पाठक ने नेहरू-गांधी परिवार पर जमकर लगाए निशाने

 


Barabanki News... तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश पर थोपे गए आपातकाल (लोकतंत्र हत्या दिवस ) की 50वीं बरसी पर बुधवार को मेयो इंस्टीट्यूट में विविध कार्यक्रम आयोजित करके इतिहास के काले पन्नो को याद किया गया। साथ ही लोकतंत्र का गला घोंटने वालों की कड़े शब्दों में भर्त्सना की गई। आपातकाल के दौरान कांग्रेसी सरकार के अत्याचार को सहने वाले लोकतंत्र सेनानियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित भी किया गया।

 प्रदेश सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि 50 साल पहले नेहरू - गांधी परिवार के स्वार्थ एवं अहंकार के चलते देश पर अन्यायपूर्ण तरीके से आपातकाल थोपा गया। रातों-रात पूरा देश जेल में तब्दील कर दिया गया।मीडिया को दबोच लिया गया।देश के महापुरुषों एवं राष्ट्रभक्तों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया।लोकतंत्र की नृशंस हत्या कर दी गयी। गरीबों और दलितों पर अत्याचार किये गए। उन्होंने कहा आपातकाल के संघर्ष और यातनाओं को सहन करने वालों के साथ देश हमेशा खड़ा है।उन्होंने कहा कि असंख्य देशवासियों पर अत्याचार करने वाली कांग्रेस को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। डिप्टी सीएम मेयो इंस्टीट्यूट में आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह दिन उस काले अध्याय की याद दिलाता है जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की आजादी और नागरिक अधिकारों को छीन लिया गया था। उन्होंने उन सभी को नमन किया जिन्होंने उस तानाशाही के खिलाफ डटकर मुकाबला किया। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आंतरिक अशांति का बहाना बनाकर भारत पर आपातकाल थोपा और देश के संविधान की हत्या कर दी थी। 50 वर्ष बाद भी कांग्रेस उसी मानसिकता के साथ चल रही है। उसकी नीयत आज भी तानाशाही वाली है। डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि कांग्रेस का मानना है कि देश पर शासन करने का अधिकार केवल एक परिवार को है। कांग्रेस अभी भी नरेंद्र मोदी जैसे साधारण पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रही है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अभी तक आपातकाल के लिए माफी नहीं मांगी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेसी विचारधारा में असहमति का दमन, धार्मिक तुष्टिकरण और सत्ता का अहंकार सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश को परिवारवाद और व्यक्ति पूजा की प्रयोगशाला में बदल दिया।

 जबकि प्रधानमंत्री मोदी संविधान को देश का सर्वोच्च ग्रंथ मानते हुए सबका साथ,सबका विकास के मूलमंत्र पर लोकतंत्र को मजबूत करने में जुटे हैं।उन्होंने युवा पीढ़ी से आपातकाल और उसके परिणामों की स्मृति को जीवित रखने की जरूरत पर बल दिया।उन्होंने कहा कि इंदिरा इज़ इंडिया , इंडिया इज़ इंदिरा जैसा नारा कांग्रेस के अहंकारी सोच की याद दिलाते हैं।प्रभारी मंत्री सुरेश राही ने कहा कि यह दिन भारतीय लोकतंत्र में एक काला अध्याय है क्योंकि संविधान की हत्या की गई। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान कांग्रेस के अत्याचार को देश की जनता कभी भूल नहीं सकती।क्षेत्रीय मंत्री संजय गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस पार्टी में भी लोकतंत्र का अभाव है।उन्होंने 42 वें संविधान संशोधन को संविधान की आत्मा को कुचलने की संज्ञा दी। जिला अध्यक्ष अरविंद मौर्य ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर जिला प्रभारी अवनीश सिंह पटेल,जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत,विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा,एमएलसी अंगद सिंह,एससी एसटी अयोग के प्रदेश अध्यक्ष बैजनाथ रावत,पूर्व सांसद उपेन्द्र सिंह रावत,पूर्व विधायक शरद अवस्थी,अवधेश श्रीवास्तव, हरगोविंद सिंह,राम कुमारी मौर्य,अमरीश रावत,विजय आनंद बाजपेई,शीलरत्न मिहिर,संदीप गुप्ता,नवीन सिंह राठौर,डॉक्टर विवेक वर्मा,गुरुशरण लोधी मौजूद रहे।

 पौधारोपण किया
 डिप्टी सीएम ने मेयो इंस्टीट्यूट परिसर में आम्रपाली का ,प्रभारी मंत्री सुरेश राही ने अमरूद का पौधा रोपित करके पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

 प्रदर्शनी का उद्घाटन किया

 डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने आपातकाल की 50 वीं बरसी पर लगी प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया।आपातकाल के दौरान तत्कालीन कांग्रेसी सरकार द्वारा देश भक्तों पर किए गए अत्याचारों के मार्मिक चित्रों को दर्शाया गया है। 

 इनका हुआ सम्मान 
संगोष्ठी में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक एवं प्रभारी मंत्री सुरेश राही ने 12 लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया।सम्मानित किए जाने वालों में अजय सिंह गुरु,सुशील कुमार वर्मा,राम मिलन मिश्रा,लल्लू प्रसाद,ममता गुप्ता,इंदु प्रकाश निगम,प्रहलाद, गोकरण शामिल हैं।

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