ताज़ा खबरें

7/recent/ticker-posts

Barabanki: संकट में टमाटर किसान, नहीं मिल रहे फसल के उचित दाम

 

Barabanki News... जिले में टमाटर का भारी उत्पादन किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। इसकी वजह से किसानों के फसल की सही कीमत नहीं मिल रही है। टमाटर बाजार में इतनी कम कीमतों पर मिल रहा है कि इसमें व्यापारियों को कोई फायदा नजर नहीं आ रहा है। इसका असर ये है कि किसानों को खरीदार नहीं मिल रहे हैं। आलम ये है कि टमाटर खेतों में पककर सड़ रहा है और उसे पूछने वाला कोई नहीं है। किसानों को टमाटर में लगाई लागत को भी निकालना मुश्किल हो रहा है।


जिले के ज्यादातर इलाकों में टमाटर किसान आर्थिक संकट में हैं। उनका खेतों में पका टमाटर बिक नहीं पा रहा है। व्यापारी या तो खरीदने से मना कर रहे हैं, या फिर बेहद कम दाम दे रहे हैं। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के पीठापुर के किसान पवन कुमार ने 10 बीघा में टमाटर की खेती की। एक व्यापारी ने खरीदने का वादा किया। टमाटर तोड़वाने के बाद वह उनसे संपर्क में नहीं कर रहा। अब तोड़ा गया टमाटर खेतों में सड़ रहा है। इसी तरह किसान आनंद कुमार की स्थिति भी चिंताजनक है। उन्होंने 4 बीघा में टमाटर की खेती पर 50 हजार रुपये खर्च किए। दूसरी तरफ व्यापारी 25-28 किलो की कैरेट को मात्र 60 रुपये में खरीदना चाह रहे हैं। यही कहीन किसा रोहित कुमार की भी है। उनके खेत में भी पका टमाटर लगा है। आलम ये है कि उन्हें तोड़वाई की लागत भी नहीं मिल पा रही है। एक किसान का आरोप है कि सफदरगंज थाना क्षेत्र के चौलिया गांव के व्यापारी गुड्डू ने उनसे 80 रुपये प्रति कैरेट के हिसाब से टमाटर खरीदा। अब वह न भुगतान कर रहा है और न ही फोन उठा रहा है। किसानों को इससे पहले खरबूजा और तरबूज की फसल में भी नुकसान हुआ था। 

 आपको बता दें कि जिला टमाटर उत्पादन के क्षेत्र का हब बन चुका है। जिले के हर इलाके में अब किसान बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती करते हैं। चूंकि टमाटर में पिछले सालों तक अच्छा मुनाफा हो रहा था। इसलिए इसकी तरफ किसानों का रुझान तेजी से बढ़ा। इस साल टमाटर उत्पादन इतना ज्यादा है कि उसकी मुनासिब कीमत किसानों को नहीं मिल पा रही है।

Tomato farmers in crisis, not getting fair price for the crop

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ