Barabanki News... आम की बागों में तने के कीट के प्रकोप से लगातार सूख रहे वृक्षों की शिकायत पर आज प्रशासन द्वारा गठित टीम ने सिरौलीगौसपुर तहसील के दुर्जनपुर गांव में एक बाग निरीक्षण किया और सूखे पेड़ों को देखा। प्रथम दृष्टया टीम ने इसके लिए फंगस और जमीन के अंदर की बीमारियों को वजह माना है और किसानों को कई महत्वपूर्ण सुझाव के साथ दवाएं और उपाय भी बताए हैं।
आपको बता दें कि 16 अप्रैल को कलेक्ट्रेट के लोकसभागार में किसान दिवस के दौरान दुर्जनपुर पट्टी के बागबान इबादुर्रहमान पुत्र मिफतादुर्रहमान ने आम के पेड़ों के सूखने का मुद्दा उठाया था। इबादुर्रहमान ने कहा था कि जनपद में बड़ी संख्या में किसानों द्वारा बागवानी की जाती है, लेकिन विगत वर्षों से आम की बागों में तने के कीट के प्रकोप से लगातार वृक्ष सूख रहे हैंष इनको बचाने का उपाय कराया जाये। साथ ही फलदार आम के जो वृक्ष सूख रहे हैं उन्हें काटकर उसी स्थान पर नये पेड़ लगाने हेतु नियमों में छूट की मांग की गई थी। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने टीम गठत कर जांच के निर्देश दिए थे। सीडीओ के निर्देश पर मंगलवार को जिला उद्यान निरीक्षक के नेतृत्व में टीम ने पहुंचकर हाल जाना। बाराबंकी मिरर से खास बातचीत में उद्यान विभाग के अधिकारी अनिल शुक्ला ने बताया कि पेड़ों की सूखने की वजह फंगस और जमीन से संबिधित बीमारियां हैं। इसके लिए किसानों भूमि शोधन के साथ दवाएं बताई गई हैं। उन्होंने आम उत्पादकों सुझाव दिया है कि जिन पेड़ों में समस्या है उनकी डाल काटकर उनपर तूतिया और कॉपर आक्सीक्लोराइड का छिड़काव करें। इसके अलावा पेड़ के तनों में चूने का लेप करने की सलाह भी दी गई है। इसके अलावा बरसात में भूमि शोधन का सुझाव भी दिया गया है। इसके लिए पेड़ों में थाले बनाकर उसमें मेटराइजियम, विवेरिया बैसियाना डालें और छाले में गोबर की खाद भी डालें।
The team arrived to check the drying mango trees, told the reason to the farmers. Medicines and suggestions are also given.

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