ताज़ा खबरें

7/recent/ticker-posts

Barabanki: RTE के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश टेढ़ी खीर

 

Barabanki News... जिले में शिक्षा विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत छात्रों को निजी स्कूलों में प्रवेश बड़ी मुश्किल से मिल रहा है। कभी कागजी खानापूर्ति तो कभी सत्यापन के नाम पर स्कूल प्रबंधन बच्चों को टरका दे रहे हैं। 

 ऐसा ही मामला नगर के आवास विकास कालोनी स्थित सेन्ट्रल अकादमी स्कूल में देखने को मिल रहा है। यहां आरटीई में चयन होने के तीन महीने बाद भी स्कूल प्रबंधन इन बच्चों को एडमिशन देने को तैयार नहीं है। जबकि प्री प्राइमरी और कक्षा एक में पात्र छात्रों की सीटें आवंटित की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक उनकी प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई पिछड़ रही है और उनका भविष्य अंधकार में दिख रहा है। इन हालात में स्कूलों और बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय का चक्कर काटकर थक चुके अभिभावक ने सोमवार को अपनी फरियाद लेकर जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में मुख्य विकास अधिकारी से की और उन्होंने साक्ष्य के साथ अपनी बात बताई।

 डीएम कार्यालय पर ग्रामीण पत्रकार एसोशिएशन के जिलाध्यक्ष संतोष शुक्ला और उपाध्यक्ष श्रीनिवास त्रिपाठी के साथ पहुंचे अभिभावकों ने सीडीओ को बताया कि उनके बच्चे रोज पूछते हैं कि उनका स्कूल कब खुलेगा। वह स्कूल कब जाएंगे, लेकिन इन सवालों का जवाब उनके पास भी नहीं होता। ऐसे में अभिभावकों ने यही सवाल सीडीओ से पूछे हैं। बहरहाल, लॉटरी प्रकाशन के लगभग तीन माह बीत जाने के बाद भी बच्चे अब भी अपने दाखिले का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी कार्रवाई के नाम पर नोटिस-नोटिस खेल रहे हैं। अभिभावक शिकायत लेकर पहुंचते हैं तो अधिकारी संबंधित स्कूल को नोटिस भेजकर इतिश्री कर लेते हैं। वहीं, बीएसए की ओर से जारी चेतावनी पत्रों पर स्कूल संचालकों ने गंभीरता नहीं दिखाई। अब अभिभावकों ने मजबूरन जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा मंत्री से मिलकर अपनी गुहार लगाने को मजबूर है। वहीं सीडीओ अ सुदन ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है, निजी स्कूल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। यदि जल्द दाखिले सुनिश्चित नहीं हुए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

 लॉटरी निकलने के तीन माह बाद भी नहीं किया एडमिशन अभिभावक पाटेश्वरी प्रसाद और शिवम शुक्ला ने बताया कि आरटीई के अंतर्गत कार्तिक कैलाश (पंजीयन संख्या 206739) और अद्विका शुक्ला (पंजीयन संख्या 15458) का नाम सेंट्रल एकेडमी स्कूल के लिए निकली लाटरी में आया है। जिनका कक्षा यूकेजी और कक्षा एक में एडमिशन होना है। लॉटरी निकलने के तीन माह बाद भी एडमिशन नहीं हो सका। इस संदर्भ में जब सेन्ट्रल अकादमी स्कूल की प्रिंसपल संचिता श्रीवास्तव से बात की। तो उन्होंने कहा कि लेबर क्लास के बच्चों को पढ़ाने में बड़ी परेशानी होती है। विद्यालय का स्टेन्डर्ड खराब होता है। ऐसे में गरीब बच्चों के सपनों को उड़ान देने वाली भारत सरकार की योजन आरटीई पर सवालिया निशान खड़े करते हैं।

Private schools admission under RTE crooked

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ