Barabanki News... बाराबंकी के सियासी गलियारों में लंबे वक्त से छठी बार विधायक बने फरीद अहमद किदवाई की संन्यास के कयासों की शुक्रवार को पुष्टि हो गई। फरीद अहमद किदवाई ने खुद शुक्रवार रात एक मंच से इस बारे में स्पष्ट कर दिया।
दरअसल शुक्रवार रात रामनगर से सपा विधायक अपने चुनावी क्षेत्र के मेलारायगंज गांव के ईदगाह के मैदान में मुशायरे और कवि सम्मेलन की अधयक्षता कर रहे थे। इसी दौरान वो वहां मौजूद लोगों को खिताब कर रहे थे। खिताब के दौरान उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और देश के पहले संचार मंत्री और अपने चाचा स्व रफी अहमद किदवाई के देश में योगदान पर रोशनी डाली और देश और जिले की सियासत में अपने खानदान का सियासी महत्व भी बताया। इसके बाद उन्होंने कहा कि अब मैं अपनी जिंदगी की शाम में पहुंच चुका हूं। आप लोगों के सहयोग से जिंदगी का अब तक का वक्फा स्व रफी अहमद किदवाई के आदर्शों पर चलते हुए गुजरा है। इस बीच बगैर किसी महत्वाकांक्षा के जनसेवा का पुनीत कार्य किया है, लेकिन अब जब मैं जिंदगी के शाम के पहर में मैं पहुंच रहा हूं, तो यहां से अब मैं इसे खैराबाद कहना चाहता हूं और नई नस्ल को मौका देना चाहता हूं,ताकि हमारी नई नस्ल के लोग अपनी शानदार विरासत पर अमल करते हुए आप लोगों की खिदमत कर सकें।
आपको बता दें कि जिले में लंबे वक्त से फरीद महफूज किदवाई के राजनीति से संन्यास के कयास लगाए जा रहे हैं। इन्हीं कयासों की वजह से जिले के कई मुस्लिम नेता उनके चुनावी क्षेत्र में टिकट की आस में मेहनत करते नजर आने लगे थे। लेकिन अब जिस तरह से फरीद महफूज किदवाई ने अपने खानदान के राजनीति में योगदान की बात कहकर जिस तरह से अपने परिवार के किसी सदस्य के लिए इशारा किया है। इससे उनकी सीट पर टिकट की राह देखने वालों को झटका तो लगेगा ही,साथ ही उनका संघर्ष भी बढ़ जाएगा।
Farid announces Sufiyan will now take over the legacy?

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