Barabanki News...देवा मेला कमेटी के सदस्यों का चुनाव रानी रामनगर और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की पुत्री मृणालिनी सिंह के उतरने दिलचस्प हो गया है। रानी मृणालिनी सिंह ने शनिवार को मेला कमेटी के दफ्तर में बाकायदा अपना पर्चा दाखिल किया। उनके इस कदम से जिले का सियासी पारा बढ़ सकता है, क्यूंकि उन्होंने सक्रिय राजनीति में भी आने के संकते दे दिए हैं। आपको बता दें कि देवा मेला कमेटी के सदस्यों का चुनाव हर तीसरे वर्ष होता है। इन दिनों 2025 के चुनावों के लिए नामांकन की प्रक्रिया जारी है। शुक्रवार तक सदस्यों के चुनाव के लिए कुल चार लोगों ने महबूब किदवाई, इकबाल किदवाई, सानिध्य बली और चौधरी फैज महमूद ने नामांक किया था। नामांकन के आखिरी दिन शनिवार को रानी रामनगर और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिह की बेटी मृणालिनी सिंह ने चुपचाप नामांकन किया। उनके नामांकन से ये चुनाव दिलचस्प हो गया है, क्योंकि अब 4 सदस्यों के लिए 5 उम्मीदवार मैदान में आ गए हैं। जबकि इस चुनाव में वोटर सिर्फ चार हैं। सबसे दिलचस्प बात ये है कि इस चुनाव में उम्मीदवार की जीत तभी होगी जब उसे दो तिहाई वो हासिल होंगे। यानि हर उम्मीदवार को जीत के लिए कम 3 वोट हासिल होंगे। ऐसे हालत में देवा मेला कमेटी के सदस्यों का चुनाव दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। अब देखना ये है कि इस चुनाव में 5 से कौन चार वोटर्स की उम्मीदों पर खरा उतरते हैं और कौन एक हार का स्वाद चखता है। फिलहाल इतना तो तय है कि अब ये मुखाबला बेहद रोमांचक होने वाला है। उधर रानी रामनगर के अचानक देवा मेला कमेटी के सदस्यों के चुनाव में उतरने से सिर्फ देवा मेला कमेटी की ही राजनीति नहीं गर्माई है, बल्कि इससे जिले की राजनीति का भी पारा चढ़ने वाला है। क्योंंकि नामांकन के बाद निकलते हुए रानी रामनगर मृणालिनि सिंह ने भविष्य में सक्रिय राजनीति में उतरने के संकेत दिए हैं। मेला कमेटी के दफ्तर में नामांकन के बाद निकलते हुए बाराबंकी मिरर से खास बातचीत के दौरान सधे अंदाज में राजनीति में उतरने के संकते दिए। मृणालिनी सिंह से जब देवा मेला कमेटी के सदस्यों के चुनाव में उतरने की वजह पूछी गई, तो उन्होंने कहा कि उनका परिवार हमेशा से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहा है। इसलिए मैं भी उस परंपरा को निभा रही हूं। देवा मेला कमेटी के सदस्यों के चुनाव में जीत के सवाल पर उन्होंने सधे अंदाज में और मुस्कुराते हुए कहा कि जो बाबा (हाजी वारिस अली शाह) चाहेंगे वही होगा। भविष्य में सक्रिय राजनीति के सवालों से उन्होंने इंकार नहीं किया। इस सवाल पर भी उन्होंने कुछ सेकेंडों के बाद यही कहा, जो बाबा चाहेंगे, वही होगा। मृणालिनी सिंह मीडिया के ज्यादातर सवालों से बचती रहीं, लेकिन उन्होंने किसी भी सवाल का स्पष्ट रूप से नहीं में जवाब दिया। इससे स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में जिले की सियासत में नए सियासी समीकरण देखने को मिल सकते हैं, जो कई नेताओं के लिए परेशानी का सबब भी होंगे।



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