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Barabanki: किसान इन उपायों से आमदनी में करें इजाफा, वन ट्रिलियन डालर इकोनॉमी बनाने में बनें सहायक

 

Barabanki News... कलक्ट्रेट के लोक सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में कृषि आय में वृद्धि एवं वन ट्रिलियन डालर इकोनामी पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में सबसे पहले जिलाधिकारी द्वारा कृषकों को सम्बोधित करते हुये कार्यशाला के मुख्य उद्देश्य के बारे में चर्चा की और बताया कि जनपद में जायद फसल सत्र में लगभ 1.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल बुवाई से शेष रह जाता है। इसे आच्छादित करने के साथ ही कार्यशाला के माध्यम से अन्य प्रगतिशील कृषकों के सुझाव एवं तकनीकी को दूसरों तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्यशाला आयोजित की गई है। उप कृषि निदेशक द्वारा मुख्य रूप से कृषक उत्पादक संगठनों के माध्यम से मूल्य संवर्द्धन, विपणन एवं निर्यात को बढ़ावा देने के साथ ही फसल उत्पादों की प्रासेसिंग के सम्बन्ध में अवगत कराया गया।

 जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार द्वारा आईपीएम के माध्यम से फसलों की गुणवत्ता में सुधार एवं कीट रसायनों के प्रयोग को कम करने के बारे में जानकारी दी गई। जिला उद्यान निरीक्षक द्वारा उद्यान विभाग की योजनाओं के माध्यम से कृषकों की आय वृद्धि के बारे में जानकारी दी गई। सहायक निदेशक, मत्स्य, द्वारा मत्स्य विभाग की योजनाओं के माध्यम से आय वृद्धि की सम्भावनाओं की जानकारी दी गई। जिला गन्ना अधिकारी द्वारा किसान भाइयों का अवगत कराया गया कि गन्ना की सहफसली खेती से भी किसान भाई अपने उपलब्ध खेत में ही आय में वृद्धि कर सकते हैं। कृषि विज्ञान केन्द्र, हैदरगढ़ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ अश्वनी कुमार सिंह द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से संचालित मॉडल का प्रयोग कर आय वृद्धि की सम्भावनाओं के बारे में जानकारी दी गई। 

 पद्मश्री राम सरन वर्मा द्वारा फसल विविधीकरण, फसल चक्र एवं ग्रीन मैन्योरिंग के द्वारा उत्पाद की गुणवत्ता एवं आय में वृद्धि के बारे में किसान भाइयों को अवगत कराया गया। प्रगतिशील कृषक अमरेन्द्र सिंह द्वारा केला एवं हल्दी, केला एवं जिमीकन्द, स्ट्राबेरी एवं तरबज/खरबूज की सहफसली खेती एवं गुणवत्तापूर्ण बीज के माध्यम से आय वृद्धि के बारे में बताया गया। प्रगतिशील महिला कृषक गीता सिंह द्वारा बायोफ्लाक के माध्यम से बहुत थोड़ी जगह में मत्स्य पालन के माध्यम से अपने घर में रहकर ही आय का नया साधन विकसित करने की जानकारी दी गई। उपायुक्त स्वतः रोजगार द्वारा विकास खण्ड सिद्धौर में बायो फ्लाक मॉडल विकसित कराये जाने की जानकारी दी गइ। जेनेक्स कम्पनी के निदेशक राबिन सरदार द्वारा छोटी जगह में ज्यादा उत्पादन एवं मुनाफा प्राप्त करने के सम्बन्ध में बायोफ्लाक तकनीकी के प्रचार-प्रसार के बारे में बताया गया। 

 मत्स्य पालक कृषक परवेज खां ने बताया कि प्रकृति के अनुसार मत्स्य पालन कृषि क्षेत्र में आय का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है एवं जनपद में इसकी अपार सम्भावनायें हैं एवं इसके लिये पर्याप्त बाजार भी उपलब्ध है। शहद उत्पादक किसान अजीत कुमार वर्मा द्वारा ट्रिपल लेयर तकनीकी के माध्यम से आर्टिफिसियल विधि का प्रयोग करके उच्च गुणवत्ता वाली मधुमक्खी के माध्यम से शहद उत्पादन कर आय वृद्धि के बारे में बताया गया। 

साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि सभी किसान भाई अपने सभी फसलों में 05 से 10 डिब्बे रखकर कुछ जरूरी टूलकिट के माध्यम से मधुमक्खी पालन कर अपनी नियमित फसल के साथ ही अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर सकते हैं। प्रकुल फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी के निदेशक पुष्पेन्द्र मिश्र द्वारा धान की डीएसआर विधि का प्रयोग कर धान के उतपदन में वृद्धि के साथ ही कार्बन क्रेडिट के माध्यम से अतिरिक्त आय के सम्बन्ध में जानकारी दी गई। 

प्रगतिशील कृषक मोइनुद्दीन द्वारा फूलों की खेती जबकि आनन्द मौर्य द्वारा जैविक एवं प्राकृतिक खेती एवं आईपीएम के प्रयोग से आय वृद्धि के बारे में बताया गया। आदिल हसन द्वारा नई प्रजातियों के आम की बागवानी के माध्यम से आय में वृद्धि के बारे में जानकारी देने साथ ही अनुरोध किया गया कि बागवानी का भी व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये। राजेश गुप्ता द्वारा मशरूम के उत्पादन द्वारा कम खेत एवं कम लागत में अधिक आमदनी की जानकारी दी गई। 

 प्रगतिशील कृषक राम किशोर पटेल द्वारा गौ आधारित प्राकृतिक खेती, डिकम्पोजर के प्रयोग एवं आईपीएम के माध्यम से भूमि एवं उत्पाद की गुणवत्ता में वृद्धि कर आय में वृद्धि की जानकारी दी गई। प्रगतिशील कृषक राम कृष्ण द्वारा प्राकृतिक खेती के माध्यम से आय में वृद्धि की जानकारी दी गई एवं अनुरोध किया गया कि जैविक उत्पादों की बिक्री हेतु अलग से साप्ताहिक बाजार उपलब्ध कराया जाये ताकि किसानों को उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। 

 मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया किसान भाइयों के सुझावों पर इस स्तर से प्रभावी कार्यवाही की जायेगी एवं समय-समय पर इस प्रकार की कार्यशाला आयोजित कराई जायेगी। जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि कार्यशाला के माध्यम से सभी लोग मिलकर कम लागत की तकनीकी के सम्बन्ध में कार्य करेंगे, तो निश्चित रूप से जनपद के किसानों की आय में वृद्धि होगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, उपायुक्त, स्वतः रोजगार, बीके मोहन, उप कृषि निदेशक श्रवण कुमार, कृषि विज्ञान केन्द्र, हैदरगढ़ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ अश्वनी कुमार सिंह, डॉ बीपी सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, बाराबंकी डॉ धीरेन्द्र सिंह, जिला गन्ना अधिकारी दुष्यन्त, पद्मश्री राम सरन वर्मा के साथ ही जनपद के लगभग 100 प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।

Farmers should increase their income with these measures and help in creating a one trillion dollar economy

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