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Barabanki: स्वयंसेवकों की कदम ताल देखने उमड़ पड़ी भीड़

 

Barabanki News... डॉक्टर आंबेडकर जयंती एवं सामाजिक समरसता दिवस के अवसर पर आरएसएस के स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में सोमवार को शहर के मुख्य मार्गों पर विराट पथ संचलन करके एकता, अनुशासन एवं राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। हाथों में दंड एवं दिलों में राष्ट्रभक्ति का भाव संजोए सैनिकों की भांति कदम से कदम मिलाते स्वयंसेवकों के पथ संचलन को देखने शहर की भीड़ उमड़ी। इस दौरान घोष दल की मधुर ध्वनि सभी को रोमांचित कर रही थी। पथ संचलन का सामाजिक संगठनों ने कई जगह पुष्प वर्षा करके भव्य स्वागत किया। 

जीआईसी ऑडिटोरियम में स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए सह प्रान्त कार्यवाह डॉक्टर अविनाश ने कहा कि शक्ति के बिना शांति और सुरक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती और यह शक्ति लोकतंत्र और मजबूत संगठन के बिना असम्भव है। याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द को 'गर्व से कहो कि हम हिन्दू है' का नारा देना पड़ा। हिन्दू समाज की एकजुटता की कमी के चलते ही भारत को सैकड़ों वर्षों तक पराधीन रहना पड़ा। विश्व कल्याण के लिए उन्होंने हिंदुओ की एकता को जरूरी बताया। 

 उन्होंने बताया कि पथ संचलन हमारी एकता को प्रदर्शित करने एवं सांस्कृतिक पुनरोत्थान के लिए एक साथ, एक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उऩ्होंने कहा कि हम कभी सोने की चिड़िया कहे जाते थे। चक्रवर्ती सम्राट के शासन काल मे सूर्य कभी नही डूबता था। नालंदा,तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय शिक्षा क्षेत्र में विश्व को आइना दिखाते थे। मगर विदेशी आक्रांताओं ने धीरे-धीरे हमारी प्राचीन सभ्यता को मिटाने का प्रयास किया।कहा अब भारत का स्व जागृत हो गया है। हिंदुओं में एकता की प्रबलता दिखने लगी है। स्पष्ट किया कि हिंदुओं की एकता किसी के विरोध में नहीं बल्कि भारत की एकता और अखंडता के लिए जरूरी है। उन्होंने स्वदेशी, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण जैसे पंच परिवर्तन को आत्मसात करने की जरूरत बताया। सामाजिक समरसता पर बल दिया। राष्ट्र के उदय,उत्थान एवं कल्याण के लिए संकल्पित रहने की बात कही। उन्होंने भारतीय महापुरुषों की अनेकों वीर गाथा का वर्णन करके स्वयंसेवकों को राष्ट्र सेवा के लिए तत्पर रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ चिकित्सक रवि चंद्र किशोर गौतम ने की। इस अवसर पर सह विभाग प्रचारक अमरजीत,जिला संघ चालक आरएस गुप्ता,जिला कार्यवाह सुधीर, पारितोष, प्रभात ,अमितेश एवं सभी स्वयंसेवक मौजूद रहे। 

 जीआईसी ऑडिटोरियम से शुरू हुआ पथसंचलन नाका चैराहा, धनोखर चौराहा ,घंटाघर पीरबटावन , छाया चौराहा, गुरुद्वारा होते हुए पुनः जीआईसी ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ।इस दौरान भारत माता के जयकारे गूंजते रहे।

Crowds gathered to watch the march of the volunteers

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