Barabanki News... जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में शुक्रवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग के चिकित्सा शिक्षकों एवं चिकित्सा विभाग के राजकीय चिकित्सकों की निजी प्रेक्टिस पर प्रतिबन्ध के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की गयी। बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजीव टंडन, महिला विभाग अधीक्षक डॉ प्रदीप, पुरुष विभाग के अधीक्षक डॉ वीरेंद्र प्रताप सिंह, सहित मुख्य चिकित्सा अधीक्षक 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय बाराबंकी एवं निरीक्षक एलआईयू उपस्थित रहे।
बैठक में प्राइवेट प्रेक्टिस की शिकायतों की जांच हेतु गठित सर्तकता समिति के पुर्नस्थापन के विषय में विस्तृत चर्चा की गई। सर्तकता समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अधीक्षक, सदस्य, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, पुरुष-महिला और संयुक्त चिकित्सालय सदस्य, जिलाधिकारी द्वारा नामित अभिसूचना इकाई का सदस्य तथा मुख्य चिकित्साधिकारी सदस्य सचिव होंगे।
जिलाधिकारी द्वारा जनपद के समस्त चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केन्द्रो में कार्यरत समस्त राजकीय चिकित्सकों को निर्देशित किया गया कि "उत्तर प्रदेश सरकारी डाक्टर (एलोपैथिक) प्राइवेट प्रैक्टिस पर निर्बन्धन नियमावली, 1983 का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। जिलाधिकारी द्वारा जनपद स्तर पर गठित सर्तकता समिति की त्रैमासिक बैठक कराये जाने तथा चिकित्सकों के प्राइवेट प्रैक्टिस से सम्बन्धित प्राप्त शिकायतों का नियमित अनुश्रवण किये जाने सहित अन्य दण्डात्मक कार्यवाही के बारे में अवगत कराया गया। समस्त राजकीय चिकित्सा शिक्षकों और राजकीय चिकित्सकों से निजी प्रैक्टिस न करने का लिखित शपथ-पत्र प्राप्त किया जा रहा है एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नोटरी शपथ-पत्र के माध्यम से प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का शपथ-पत्र तत्काल देने हेतु निर्देशित कर दिया गया है। यदि कोई राजकीय चिकित्सा शिक्षक एवं चिकित्सा विभाग के राजकीय चिकित्सक द्वारा "उत्तर प्रदेश सरकारी डाक्टर (एलोपैथिक) प्राइवेट प्रैक्टिस पर निर्बन्धन नियमावली, 1983 का उल्लघंन की पुष्टि होने पर उनके खिलाफ कार्यवाही हेतु शासन को संस्तुति प्रेषित कर दी जायेगी।
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