Barabanki news... नाबालिगों के साथ रेप व अपहरण की वारदातों में घटना से मुकरने के मामलों पर कोर्ट ने सख्त रूख अख्तियार करना शुरू कर दिया है। अभियोजन और से कोर्ट के संज्ञान में लाए गए ऐसे तीन मामलों में वादी और गवाहों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं प्रशासन अब कोर्ट के समक्ष दर्ज कराए गए कलमबंद बयान के बाद ट्रायल के दौरान पीड़ितों के मुकरने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर सजा दिलाने की कार्रवाई करेगा।
आपको बता दें कि बीते माह 17 जनवरी को दरियाबाद थाने में दर्ज अपराध संख्या 137/2018 में कोर्ट पाया कि इस मामले में पुलिस व कोर्ट के समक्ष अपहरण व रेप का बयान देने वाली किशोरी और वादी पिता ट्रायल के दौरान वारदात से ही मुकर गए। इससे आरोपी को दोषमुक्त किया गया, लेकिन पॉक्सो एक्ट की धारा 22 के तहत पिता के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।
ऐसे ही मामला सुबेहा थाने में दर्ज अपराध संख्या 201/2018 के मामले में भी सामने। यहां एक शख्स ने सात साल पहले अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस व कोर्ट में हुए कलमबंद बयान में अपराध होने का आरोप लगाया, लेकिन जब ट्रायल कोर्ट में शुरू हुआ, तो पीड़िता व वादी वारदात होने से ही मुकर गए। इसमें कोर्ट ने पीड़िता के पिता के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज किया है।
तीसरा मामला घुंघटेर थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध संख्या 69/2018 के मामले में पेश आया है। यहां के एक शख्स ने अपनी बेटी के अपहरण व गैंगरेप का केस दर्ज कराया। दो लोग नामजद भी किए गए। पीड़िता व पिता ने पहले कोर्ट के समक्ष अपहरण व रेप की बात कहकर सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान भी दर्ज कराया। फिर कोर्ट में ट्रायल के दौरान दोनों वारदात से ही मुकर गए। कोर्ट ने आरोपितों को दोषमुक्त किया पर पीड़िता, उसके पिता व एक गवाह के खिलाफ आईपीसी की धारा 344 में केस दर्ज करवाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते दिसंबर और जनवरी माह में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मुकदमों में आए फैसले काफी चौंकाने और चिंता में डालने वाले रहे हैं। दिसंबर 2024 में कुल 11 फैसलों में पांच मामलों में ही आरोपियों को सजा हो सकी है। अन्य छह मामलों में वादी व पीड़िताओं ने वारदात होने से मुकर गए, इसके चलते आरोपित दोषमुक्त किए गए। ऐसे ही जनवरी माह में सात मुकदमों में फैसले आए हैं, लेकिन केवल एक मामले में ही आरोपित को सजा हो सकी। छह मामलों में पीड़िता व मुकदमा दर्ज कराने वाले अभिभावक अपने बयान से मुकर गए।
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