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Barabnki: मित्रता को लाभ-हानि के तराजू में न तौलें- आचार्य अरुण शास्त्री

 

Barabanki News... श्री हनुमंत धाम कमरिया बाग में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुक्रवार को समापन हुआ। कथा के समापन मौके पर भी बड़ी संख्या में धर्मालुजनों ने पहुंचकर श्रीमद् भागवत कथा का आनंद लिया। 

कथा के अंतिम दिन सात दिनों तक भागवत कथा के जरिए से ज्ञान गंगा प्रवाहित करने वाले आचार्य अरुण शास्त्री का सम्मान किया गया। पूर्णाहुति हवन और भंडारा शनिवार को होगा।श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिवस शुक्रवार को कथा वाचक आचार्य अरुण शास्त्री ने श्रीकृष्ण सुदामा मित्रता एवं राजा परीक्षित मोक्ष की कथा श्रवण कराई। उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित ने सुखदेव के मुखारविंद से जब तक श्रीमद् भागवत नहीं सुनी थी, तब तक वे अपनी मृत्यु के भय से भयभीत थे। हालांकि सात दिवस तक पूरे मनोभाव से भगवान विष्णु के सभी अवतारों व श्रीकृष्णजी की लीलाएं सुनकर वे अपनी मृत्यु के भय से भयमुक्त हो गए।आचार्य अरुण शास्त्री ने कहा कि श्रीमद् भागवत मनुष्य को भय से मुक्त करती है। मनुष्य जो कि सांसारिक मोह बंधनों से बंधा है। वह यदि श्रीमद् भागवत को मनोभाव से सुनता है तो उसको सभी मोह बंधनों से मुक्ति मिलती है तथा वह भगवान हरि के चरणों में स्थान पा लेता है। श्रीमद् भागवत के सभी अक्षर जीवन में नई प्रेरणा देते है।

उन्होंने कहा कि मित्रता को लाभ हानि के तराजू में नहीं तोलना चाहिये। श्री कृष्ण ने सुदामा के साथ उज्जैनी में विद्या अध्ययन किया। सुदामा गरीब ब्राह्मण थे जबकि कृष्ण द्वारिका के शासक थे दोनो की मित्रता आज भी हमारे लिये प्रेरणादायी है।कथा वाचन के समापन पर राधा कृष्ण झांकी का कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। राधा कृष्ण के साथ फूलों की होली खेल कर भक्तों ने पुण्य कमाया।कथा वाचन के दौरान शनिवार को प्रातः दस बजे से पूर्णाहुति हवन तथा अपराह्न 1 बजे से भंडारा का आयोजन होगा।इस अवसर पर विजय आनंद बाजपेई,मनीष गुप्ता,मनोज गुप्ता,शिवकुमार गुप्ता,पंकज मिश्रा,रविन्द्र कुमार उर्फ पेड़ा,रामकिशोर मिश्रा,योगेश वर्मा,नीरज जायसवाल , राजकुमार वर्मा,प्रेम नारायण गुप्ता,आशुतोष तिवारी ,फूल चंद्र श्रीवास्तव,गोविंद दीक्षित सहित काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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Acharya Arun Shastri



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