Barabanki News... किसी भी देश को यह अधिकार नहीं है कि, वह हमारे नागरिकों के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार करे। भारतीय नागरिकों का अपमान देश का अपमान है, और देश का कोई भी नागरिक इसे किसी सूरत में स्वीकार नहीं कर सकता है। यह घटना न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाली है बल्कि भारत अमेरिका द्विपक्षीय संबन्धों के संदर्भ में गम्भीर प्रश्न खड़ा करती है। और यह घटना उस समय और भी अधिक संवेदनशील बन जाती है। जब हम देखते हैं कि, इन प्रवासियों में बड़ी संख्या में युवा और महिलायें और ऐसे नागरिक शामिल हैं, जो बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका गये थे। घटना गम्भीर चिंता का विषय है। भारत सरकार को इस मुद्दे पर अमरीकी प्रशासन से कड़ा विरोध दर्ज कराना चाहिए। क्योंकि, यह न केवल हमारे नागरिकों के लिये न्याय का सवाल है बल्कि हमारे सम्प्रभुता राष्ट्रीय सम्मान का विषय है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि, भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
उक्त प्रतिक्रिया सांसद तनुज पुनिया ने आज, हाल में ही अमेरिका से 104 भारतीय नागरिकों को अवैध प्रयास के आरोप में बंधक बनाकर जबरदस्ती निर्वासित किये जाने की तीव्र निन्दा करते हुये व्यक्त की। सांसद तनुज पुनिया ने उक्त प्रकरण में अमेरिकीय प्रशासन की तीव्र निन्दा करते हुये कहा कि, अमेरिका द्वारा भारतीय नागरिकों के प्रति उठाया गया यह कदम निन्दनीय अमानवीय ही नही, नागरिकों के मूलभूत मानवाधिकारों का उल्लंघन है। भारतीय नागरिकों को अमरीकी प्रशासन द्वारा बंधक बनाकर, हथकड़ी लगाकर और अपमानजनक तरीके से निर्वासित किये जाने की घटना भारतीय समाज और सरकार के लिये गहरी चिंता का विषय है। देश की मोदी सरकार इस संवेदनशील मुद्दे को राजन्यायिक स्तर पर, अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उठाकर, भारत के हर नागरिक के आत्मसम्मान की सुरक्षा हो सके इसके लिये त्वरित कार्यवाई करनी चाहिए।
सांसद तनुज पुनिया ने समाज के सभी वर्गों से अपील करते हुये कहा कि, यह समय आलोचना या दोषारोपण का नहीं बल्कि, सहानुभूति और सहयोग का है। और हमारे देश की सरकार को इन नागरिकों का सामाजिक पुर्नवास सुनिश्चित करना चाहिए। और समाज द्वारा उन्हें मानसिक, भावात्मक, और आर्थिक सहायता प्रदान की जानी चाहिए, और निर्वासित नागरिकों को पीड़ित के रूप में देखा जाना चाहिए। साथ ही सम्पूर्णं देश को विदेश में रह रहे भारतीयों के लिये स्पष्ट रूप से यह संदेश देना चाहिए कि, हम आपके साथ हैं, और आपके सम्मान सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिये प्रतिबद्ध हैं। हमारे नागरिकों के साथ किया गया कोई भी अमानवीय कृत, या मान सम्मान के साथ किया गया अमानवीय कृत किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जायेगा।
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