Lucknow News...प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप के निर्देश पर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति वितरण प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए इसे मार्च के बजाय दिसंबर में प्रदान कर रहा है। इस निर्णय से लाखों विद्यार्थियों को समय पर वित्तीय सहायता प्राप्त हो रहीं हैं, जिससे उनकी शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रह सकेगी। दिसंबर में ही छात्रवृत्ति देने वाला प्रथम विभाग पिछड़ा वर्ग कल्याण बन गया है।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र के प्रारंभिक चरण में ही आर्थिक सहयोग प्रदान करना है ताकि वे बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी पढ़ाई को सुचारू रूप से जारी रख सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 03 दिसंबर 2024 को 2,53,211 विद्यार्थियों के खातों में पीएफएमएस प्रणाली के माध्यम से रूपये 54.38 करोड़ की धनराशि स्थानांतरित की गई, जो इस निर्णय के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण के वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है। लगभग 13 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की धनराशि दी जा चुकी है ।
पिछड़ा वर्ग कल्याण में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कक्षा 9 एवं 10 के विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 03 दिसंबर 2024 को 2,53,211 विद्यार्थियों के खातों में पीएफएमएस प्रणाली के माध्यम से रूपये 54.38 करोड़ की धनराशि स्थानांतरित की गई और 29 जनवरी 2025 को 4,22,638 छात्रों को रूपये 89.25 करोड़ की धनराशि भेजी गई। इस प्रकार कुल 6,75,849 विद्यार्थियों को रूपये 143.63 करोड़ की छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
इसी प्रकार, पिछड़ा वर्ग कल्याण में पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए भी वित्तीय सहायता जारी की गई। 31 दिसंबर 2024 को 1,53,182 छात्रों को रूपये 46.56 करोड़, 29 जनवरी 2025 को 50,414 छात्रों को रूपये 15.71 करोड़, 14 फरवरी 2025 को 3,67,601 छात्रों को रूपये 1092.58 करोड़, और 18 फरवरी 2025 को रूपये 290.17 करोड़ की राशि हस्तांतरित की गई। इस प्रकार कुल 6,74,280 विद्यार्थियों को रूपये 2005.53 करोड़ की धनराशि वितरित की गई।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने आगे बताया कि सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए पीएफएमएस प्रणाली को लागू किया है। इस प्रणाली के माध्यम से छात्रवृत्ति की धनराशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जा रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी हुई है। इससे यह भी सुनिश्चित हुआ है कि किसी भी पात्र विद्यार्थी को छात्रवृत्ति प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों के समग्र विकास और शिक्षा में उन्नति को सर्वाेच्च प्राथमिकता देती है। सरकार की यह पहल उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और जिन्हें अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है। इस फैसले से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार होगा, जिससे अधिकाधिक छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित होंगे।
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