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Barabanki: तो चकबंदी में होता है ये सब, इसलिए किसान कर रहे विरोध?

 

भाकियू श्रमिक जनशक्ति ने बहरौली की चकबंदी का किया विरोध 

 किसान पंचायत कर चकबंदी रोकने की मांग 

 हजारों किसान हुए शामिल, चकबंदी ना कराने की मांग 

Barabanki News... फतेहपुर तहसील क्षेत्र के बहरौली गांव में हो रही चकबंदी के विरोध में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति ने किसान पंचायत की। पंचायत में हजारों किसानों ने चकबंदी का विरोध किया। किसान पंचायत में किसानों ने कहा कि पूरा क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र घोषित है। कुर्सी से लेकर अनवारी तक जमीन फुट में बिक रही है, हजारों फैक्ट्रियां लग गई हैं। हम लोग चकबंदी नहीं चाहते। किसानों की मंशा को ध्यान में रखते हुए किसान पंचायत का आयोजन किया गया।
किसान पंचायत की अध्यक्षता सत्येन्द्र कुमार मौर्य ने की। मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यहां के किसान जब चकबंदी नहीं चाहते हैं, तो जबरदस्ती थोपी नहीं जानी चाहिए। पूरा क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र है। किसानों की जमीनों की कटौती करके चक मार्ग और रास्ता देने की बात चकबंदी के दौरान की जाती है। अधिकारियों के द्वारा किसानों का जमकर शोषण किया जाता है। मनमाफिक चक बनवाने के लिए किसान परेशान होते हैं। हम इस पूरी व्यवस्था के विरोध में हैं। यहां आसपास ही कोकाकोला की बड़ी फैक्टरी, अमरून फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के अलावा इंटिग्रल विश्वविद्यालय तथा तमाम डिग्री कॉलेज और सैकड़ों फैक्ट्रियां विकसित हो चुकी हैं। 70- 80 फीसदी जमीन इंडस्ट्रियल कार्यों में प्रयोग की जा रही है। मात्र 30% भूमि ही कृषि योग्य बची है। ऐसी स्थिति में चकबंदी का कोई औचित्य नहीं बनता। 

राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्येन्द्र कुमार मौर्य ने कहा कि हम गरीबों वंचितों शोषित समाज के लोगों दलितों पिछड़ों किसानों और मज़दूरों की आवाज को बुलंद करने के लिए शासन प्रशासन से हमेशा गुहार करते हैं और न्याय की मांग करते हैं। इस क्षेत्र की जनता चकबंदी नहीं चाहती है। इसलिए चकबंदी नहीं होनी चाहिए। चकबंदी में जिन अधिकारियों ने किसानों का शोषण किया है। उसकी जांच होनी चाहिए। किसानों के विकास के लिए सरकार को तीन काले कानून वापस लेने चाहिए ओर सी 2+50% का फॉर्मूला लागू करना चाहिए। सरकार का इस ओर ध्यान नहीं है। सरकार किसानों का ध्यान भंग करके नई नई योजनाएं लाकर किसानों और मज़दूरों को गुमराह कर रही है और झूठा सम्मान देते हुए उन्हें 2000 रुपये की किसान सम्मान निधि दे रही है। उन्हें अपने पैरों पर खड़े करने की और उन्हें अपने उत्पादों के उचित मूल्य की व्यवस्था देने से कतरा रही है। हम सरकार से मांग करते हैं की तत्काल चकबंदी को रोका जाए। किसानों की मांगों को पूरा किया जाए। 

 किसान पंचायत में राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव, राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्येन्द्र कुमार मौर्य, राष्ट्रीय सचिव मोहम्मद सलमान, प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक यादव तथा कार्यक्रम के आयोजक उमेश यादव देवमन सहित हजारों किसान, किसान पंचायत में शामिल हुए। किसान पंचायत के बीच सर्किल अटहरा चकबंदी एसीओ अधिकारी प्रदीप सिंह और नायब तहसीलदार ने अभिनव सिंह ने पहुंचकर ज्ञापन लिया।

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