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Barabanki: देश और धर्म के लिए बलिदान हुए वीर साहिबजादे-सरदार सुरेन्द्र पाल सिंह

 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मनाया वीर बाल दिवस

प्रदर्शनी में दिखी बलिदानियों की वीर गाथा
Barabanki News... राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को कार्यक्रम आयोजित करके युवा पीढ़ी को संदेश दिया। स्थानीय जनेस्मा पीजी कॉलेज के डॉ जेपीएन सिंह सभागार में आयोजित संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी के द्वारा वीर साहिबजादों से जुड़े पहलुओं से रूबरू कराया।
बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सिख संगत के प्रांत संयोजक सरदार सुरेन्द्र पाल सिंह बख्शी ने कहा कि वीर साहिबजादो का बलिदान व्यक्तिगत या परिवार के लिए नहीं था ,बल्कि उनका बलिदान देश और धर्म के लिए था। उन्होंने देश की आजादी के बाद इतिहास लेखन में हुई त्रुटियों की ओर इशारा करते हुए इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि भारत के इतिहास में सर्वोच्च बलिदान देने वाले साहिबजादों को आखिर क्यों विस्मृत कर दिया गया। जिन साहिबजादों के बलिदान दिवस को बाल दिवस के रूप में मनाना चाहिए, उसकी जगह किसी और घटना को बाल दिवस से जोड़ दिया गया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और प्रेरणा से दोनों साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान दिवस को आज पूरा देश वीर बाल दिवस के रूप में मना रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद भी दिया।

 गुरु गोविंद सिंह जी को नमन करते हुए सरदार सतनाम सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने चार-चार पुत्र देश और धर्म की रक्षा करते हुए बलिदान कर दिए।जब गुरु गोविंद सिंह जी से पूछा गया कि आपके चार पुत्र बलिदान हुए, तो उस समय उनके मुख से यही निकला था कि चार हुए तो क्या हुआ, जीवित हुए हजार। उन्होंने कहा, ऐसे कार्यक्रम सिख गुरुओं के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का सुअवसर हैं। 

सरदार हरपाल सिंह ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबजादो बलिदान हो गए मगर उनका पांचवां पुत्र खालसा के रूप में जीवित है जो देश और धर्म की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेगा।कवि अम्बरीष अम्बर ने काव्य पाठ करके युवाओं में जोश भरा। सरदार भूपेंद्र सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।जिला कार्यवाह सुधीर ने आभार ज्ञापित किया। संचालन सह जिला कार्यवाह डॉक्टर नन्हे सिंह ने किया। संगोष्ठी की शुरुआत वीर साहिबजादों के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन से हुई। कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी में अमर बलिदान की गौरव गाथा देख कई लोग भावुक हो गए।इस अवसर पर सह विभाग प्रचारक अमरजीत, पारितोष, शार्दूल विक्रम सिंह, विभम, सरदार कनवर सिंह,श्रवण सिंह,सरदार हरप्रीत सिंह, सतनाम सिंह , विजय आनंद बाजपेई,तीरथ सिंह,राजदीप सिंह, डॉक्टर सुजीत चतुर्वेदी, मौजूद रहे।

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