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Barabanki: लोने के लिए को-ऑपरेटिव बैंकों में इतना घुमाया जाता है कि जमीन पर इमरती बन जाती है-तनुज पुनिया

 

Barabanki News... बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया ने मंगलवार को संसद में बैंककारी विधियां (संशोधन) विधेयक बिल 2024 पर चर्चा के दौरान अपने विचार रखे। इस दौरान उन्होंने बैंकों में ऋण की जटिल प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बैंकों में ऋण लेने जाने वालों को टेबल टू टेबल इतना घुमाया जाता है कि जमीन पर इमरती बन जाती है।

   

बैंककारी विधियां (संशोधन) विधेयक बिल 2024 पर चर्चा के दौरान बाराबंकी से कांग्रेस सांस तनुज पुनिया ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में 1969 में देश के 14 प्राइवेट बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था। इसका मकसद था कि बिना मुनाफे की चिंता किए बैंक हमारे गांवों तक पहुंचें ताकि आम गरीब और वंचित लोगों को भी बैंकिंग का लाभ मिल सके। इसमें नफा-नुकसान का ख्याल नही रखा गया। था इसका लक्ष्य ये था कि ज्यादा से ज्यादा लोग बैंकिंग सुविधा से लाभान्वित हो सकें। तनुज पुनिया ने आगे कहा कि अब सरकार निजीकरण की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बजट भाषण में वित्त मंत्री ने आईडीबीआई समेत दो बैंकों के निजीकरण की बात कही, लेकिन इस बिल में उसका उल्लेख नहीं किया गया है। 

उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के को-ऑपरेटिव बैंकों में ऋण की जटिल प्रक्रिया की जमीनी हकीकत बयां करते हुए बताया कि को-ऑपरेटिव बैंकों की स्थापना का मकसद कि बिचौलियों और साहूकारों को खत्म कर दिया जाए। उनके शोषण से समाज को राहत मिले और कम दरों पर आसान ऋण उपलब्ध कराया जाए, लेकिन सच्चाई ये है कि आज के समय में अगर कोई को-ऑपरेटिव बैंकों में लोन लेने जाता है, तो उन्हें टेबल टू टेबल इतना घुमाया जाता है कि जमीन पर इमरती बन जाती है। उन्होंने कहा कि अगर आप वहां के ब्रोकरों और दलालों को 50 फीसदी तक कमीशन दे देते हैं, तो काम हो जाता है और अगर आप इनका सहारा ना लें, तो आपको फिर साहूकारों के पास जाना पड़ता है। 111 तनुज पुनिया ने बैंककारी विधियां (संशोधन) विधेयक बिल 2024 पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें जनता की सुविधाओं का ख्याल नहीं रखा गया है। सांसद ने इस केसीसी में होने वाली परेशानियों का भी जिक्र किया। उन्होंने वित्त मंत्री को सुझाव दिया कि जनता के लिए बैंकिंग सुविधाओं को आसान बनाया जाना चाहिए। इसी उम्मीद से सरकार की तरफ आम आदमी देख रहा है।

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