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Barabanki: ओहदे की हनक में चली गई गरीब कंडक्टर की जान

 

Barabanki News... जिले में ओहदे की हनक मंगलवार को रोडवेज बस के एक कंडक्टर पर काफी भारी पड़ी। इतनी भारी की इसमें उस गरीब कंडक्टर की मौत हो गई। अब सवाल ये उठ रहा है कि ओहदे की हनक में गई उस कंडक्टर की मौत का जिम्मेदार कौन है। 

 दरअसल मसौली थाना क्षेत्र के शहाबपुर में परिवहन निगम की बस चेकिंग के दौरान बस में बिना टिकट यात्री मिलने पर टीआई द्वारा संविदा परिचालक को बुरी तरह डांटने और टिकट मशीन छीन कर नौकरी से निकालने की धमकी देने पर संविदा कंडक्टर सुरेश चंद्र सैनी (58) को हार्टअटैक पड़ गया। यात्री एवं बस चालक उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने परिचालक को मृत घोषित कर दिया। मृतक परिचालक के पुत्र की तहरीर पर मसौली पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 

आपको बता दें कि मंगलवार की सुबह करीब 7 बजे बाराबंकी डिपो की अनुबंधित बस नंबर यूपी 41 ए टी 2760 के चालक अहमद व मसौली थाना क्षेत्र के ज्योरी गांव के परिचालक सुरेश चंद्र सैनी (58) बाराबंकी से बस टिकैतनगर जा रहे थे। परिचालक यात्रियों के टिकट बना ही रहे थे कि शहाबपुर टोल प्लाजा के निकट टीआई अशरफ अली ने बस को रोका और चेकिंग की। चेकिंग के दौरान एक यात्री बगैर टिकट होने पर टीआई अशरफ अली ने रौद्र रूप अपनाते हुए परिचालक सुरेश चंद्र सैनी का बैग व टिकट मशीन छीन लिया और फटकार लगाते हुए नौकरी ले लेने की धमकी दी। टीआई की धमकी से दहश्त में आये परिचालक को हार्ट अटैक पड़ गया। हालत गंभीर होता देख बस चालक एवं यात्री परिचालक को लेकर जिला अस्पताल ले गये, जहां चिकित्स्कों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृत की सूचना घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। 

मृतक के पुत्र इंद्रेश सैनी ने मसौली थाने में टीआई अशरफ अली को अपने पिता की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए बताया कि बस चेकिंग के दौरान टीआई अशरफ अली ने मेरे पिता के साथ मारपीट करते हुए काफी गंदी-गंदी गालियां दीं। जिससे हार्ट अटैक पड़ गया। संविदा परिचालक की आकस्मिक मौत से पूरे गांव मे कोहराम मच गया।

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