Barabanki News... भारतीय कमुयूनिस्ट पार्टी (CPI) अपने 100वें बसंत में पहुंचने जा रही है। गुरुवार 26 दिसंबर को पार्टी अपने 100वें वर्ष में पहुंच जाएगी। इससे एक दिन पहले जिले में CPI कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी की सालगिरह का जश्न मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने CPI की 100 साल की उपलब्धियों का जिक्र किया और पतन के कारण भी गिनाए।
नगर के छाया चौराहे के पास स्थित CPI के दफ्तर में ये आयोजन किया गया। जिले के वरिष्ठ पत्रकार महंत बीपी दास बाबा ने केके काटकर CPI के 100वें वर्ष में पहुंचने के जशन का आगाज किया। इसके बाद तमाम कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को केक खिलाकर खुशियां मनाईं। इससे पहले कई कवियों ने काऴ्य पाठ भी किया। इस मौके CPI के राज्य परिषद के सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने पार्टी के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद हैदराबाद को भारत में शामिल कराने में CPI का अहम किरदार रहा। उन्होंने दावा किया कि जिस वक्त CPI के लोग हैदराबाद को भारत में मिलाने की कोशिश कर रहे थे, उस वक्त मौजूदा वक्त में सत्ता में बैठे पार्टी के लोग निजाम हैदराबाद के साथ मिलकर इसका विरोध कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नव भारत के निर्माण में भी CPI का अहम किरदार रहा है। उन्होने बताया कि जब 1971 में हमने इंदिरा गांधी की सरकार का समर्थन किया, तो हमने बैंको का राष्ट्रीयकरण कराया। यूपीए सरकार के दौरान जन सूचना का अधिकार, राइट टू एजूकेश और राइट टू फूड लागू कराने में भी हमने अहम किरदार अदा किया।
कमयूनिस्ट पार्टी की कम होती ताकत के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब साम्राज्यवादी ताकते संसद को कैप्चर कर लेती हैं, तो लोगों को लगता है कि कम्युनिस्ट कमजोर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्टों की ताकत का अंदाजा लगाने के लिए आप इंटलिजेंस एसेंसियों से बात करिए। उन्होंने कहा कि हम कई देशों में सत्ता चला रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एक दिन आप देखियेगा कि लाल झंडे की सरकार देश में भी होगी।
उन्होंने ये भी दावा कि उनकी वैचारिक और संगाठनिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि वो लगाता जन समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजदूर और किसानों की समस्याओं को लेकर हमारे संगठन मजबूती के साथ काम कर रहे हैं, लेकिन गोदी मीडिया को ये दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि हम जो कर सकते हैं वो करते रहेंगे।
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