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Barabanki: छूट गए एंटी करप्शन के छक्के, कैसे लड़ी जाएगी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई?

 

Barabanki News... अक्सर जब आप किसी को मोबाइल पर फोन लगाते हैं, तो एक रिकॉर्डेड मैसेज सुनाई देता है कि अगर आप से कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत की मांग करे, तो इसकी सूचना आप फौरन एंटी करप्शन टीम को दें और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करें। ये मैसेज करप्शन के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए होता है। हो सकता है इसी मैसेज को पढ़कर किसी ने एंटी करप्शन की टीम को रिश्वतखोरी की शिकायत की हो और एंटी करप्शन की टीम कार्रवाई करने पहुंच आई हो, लेकिन ये क्या जिले में कार्रवाई करने आई एंटी करप्शन टीम पर ही हमला हो गया, हमला भी ऐसा कि पुलिस अगर ना पहुंचती, तो ना जाने क्या हो जाता? शिकायतकर्ता को भी जमकर मारापीटा गया, उसे लहुलुहान कर दिया गया। अब ऐसे में सवाल ये है उठता है कि भ्रष्टाचार की लड़ाई कैसै लड़ी जाएगी और भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ने वालों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी?


   

दरअसल नवाबगंज तहसील में 5 दिन पहले एंटी करप्शन टीम ने एक किसान की शिकायत पर एक लेखपाल और एक मुंशी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद लेखपालों ने जमकर हंगामा काटा था और विरोध जताया था। लेखपालों का आरोप था कि एंटी करप्शन की टीम ने नियम विरुद्ध कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि लेखपालों ने अपने साथी के अपहरण तक की संभावना जता दी थी। शनिवार को इसी मामले में एंटी करप्शन की टीम शिकायतकर्ता के साथ मौके पर नक्शा नजरी की कार्रवाई करने पहुंची थी। बताया जा रहा है कि इसी कार्रवाई के दौरान आक्रोशित राजस्व कर्मियों ने एंटी करप्शन की टीम के साथ हाथापाई की और एंटी करप्शन की गाड़ी में तोड़फोड़ भी की। यहां तक कि शिकायतकर्ता को से भी मारपीट की। हालात इस कद्र नाजुक थे कि मौके एडीएम अपर पुलिस अधीक्षक सीओ समेत भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। इस मामले में एंटी करप्शन की टीम और शिकायतकर्ता की तरफ से तहरीर भी दी गई है। जिस पर पुलिस जांच भी कर रही है। 111 दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हो सकते हैं। सही तथ्य जांच के बाद ही सामने आएंगे। जांच के बाद ही दूध का दूध और पानी का पानी होगा, लेकिन इस कार्रवाई के बाद सरकारी संस्थाओं के बीच रिश्वतखोरी जैसे गंभीर मुद्दे पर जो टकराव दिखा है। उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। भले ही इस तरह के मामले ना के बराबर होते हों, लेकिन सबसे बड़ा सवाल उठता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कैसे होगी? दूसरा सवाल भ्रय़्टाचार की शिकायत करने वालों की सुरक्षा को लेकर है। जिसकी जागरुकता के लिए सरकार भी बड़े पैमाने पर मुहिम चला रही है। आखिर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वालों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? ये वो सवाल हैं जिन पर सरकार और समाज को गौर करने की जरूरत है।

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