Barabanki News... नगर में हर बार की तरह इस बार भी सांई महोत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा। नगर पालिका में होने वाले इस कार्यक्रम का भव्य साई दरबार नितिन गुप्ता द्वारा सजाया जायेगा। जो अपने आप में एक अदभुत आकर्षण का केन्द्र होगा।
नगर के प्रतिष्ठित होटल में श्री शिरडी साईं बाबा सेवा संस्थान ट्रस्ट के राजेश आरोड़ा बब्बू ने बताया कि ट्रस्ट की तरफ से आयोजित होने वाला 13वां सांई महोत्सव स्थानीय नगर पालिका प्रांगण में 1 दिसंबर रविवार को होगा। इसमें सुबह 8 बजे से साईं सत्य व्रत पूजा शिरडी धाम, महाराष्ट्र से पधारे पुरोहित चन्द्रशेखर कुलकर्णी द्वारा 108 यजमानों को करवाया जायेगा। तत्पश्चात् साईं सर्व मनोकामना सिद्ध यज्ञ का आयोजन किया जायेगा। बाबा की भव्य पालकी दोपहर 1 बजे नागेश्वरनाथ मंदिर से आयोजन स्थल नगर पालिका प्रांगण तक सट्टी बाजार, दर्पण, घंटाघर, धनोखर चौराहा, निबलेट तिराहा, होते हुए पहुंचेगी। इस बार पालकी यात्रा में विशेष आकर्षण के रूप में शिरडी में बाबा की पालकी के साथ वाद्ययन्त्रों के सहित भावनृत्य करते हुए चलने वाला शिरडी का "सन्मित्र युवक मण्डल शिरडी" भी होगी। साथ ही उज्जैन से पधारे डमरू वादक कलाकार अपनी कला का भी प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा विभिन्न प्रकार की झांकियों का रोड शो भी आयोजित होगा। हाथी, घोड़ा, ऊँट, बग्धी, विभिन्न प्रकार की झाँकियाँ, रोड शो, डीजे, बैण्ड, पालकी, साईं दरबार तथा भजन आदि शमिल होगें। नगर पालिका में भव्य साई दरबार, नितिन गुप्ता द्वारा सजाया जायेगा। जो अपने आप में एक अदभुत आकर्षण का केन्द्र रहेगा। साम साढे 5 बजे से आस्था ग्रुप मुकुल बन्धु कानपुर के द्वारा भव्य भजन सन्ध्या और भव्य झांकियों के साथ वृन्दावन के श्री बांके बिहारी की झांकी, साईं बाबा के भव्य दर्शन और उज्जैन के महाकाल के भी दर्शन होंगे। प्साथ ही साथ बाबा का भंडारा भी प्रारम्भ हो जायेगा। जिसमें महिला और पुरुष दोनों की अलग-अलग भोग प्रसाद की व्यवस्था होगी।
कार्यक्रम स्थल को भव्य पण्डाल और बिजली के प्रकाश से रोशन किया जायेगा, फूलों से सुन्दर सजावट की जायेगी। भक्तों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था होगी और बाबा के दर्शन के साथ ही सबको प्रसाद भी उपलब्ध कराया जायेगा।इस आयोजन के विभिन्न जनपदों के भक्त आकर प्रतिभाग करते हैं संस्थान प्रतीक चिन्ह प्रदान कर विशिष्ट अतिथियों का सम्मान करता है।
भिक्षा झोली कार्यक्रम
भिक्षा झोली कार्यक्रम के बारे में राजेश आरोरा बब्बू ने बताया कि साईं बाबा ने जीवन पर्यन्त भिक्षा मांग कर ही अपना गुजारा किया करते थे। वे प्रतिदिन अपने कन्धे पर झोली लेकर भक्तों के घर भिक्षा मांगा करते थे और जो कुछ भी भिक्षा में मिलता था उसको मिल बांट कर भोजन किया करते थे। 15 अक्टूबर, 1918 को उनकी समाधि के पश्चात् प्रतिवर्ष उनकी समाधि दिवस विजयादशमी के दिन साईं बाबा संस्थान शिरडी उनकी स्मृति में "भिक्षा झोली" कार्यक्रम का आयोजन करता है, जिसमें लाटरी सिस्टम से भक्तों को इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए चुना जाता है और वही चुनिन्दा लोग शिरडी के गलियों में घर-घर, स्थान-स्थान पर भिक्षा झोली लेकर भिक्षा लेने के लिए गाजे बाजे के साथ प्रातः 09:00 बजे से 12:00 बजे तक मांगते हैं। जिससे प्राप्त अनाज से भण्डारे का आयोजन किया जाता है। इसमें देश विदेशों के लोग बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते हैं और बाबा का स्मरण करते हुए यथायोग्य अपनी सामर्थ्यानुसार गेहूँ, चावल, दाल, वस्त्र, द्रव्य आदि अपने-अपने घर, प्रतिष्ठान के सामने रखकर भिक्षा प्रदान करते हैं और उनसे आशीर्वाद स्वरूप प्राप्त अन्न और धन को अपने घरों में रखते हैं। ऐसा माना जाता है कि इसको घर में रखने से बरकत होती है। घर में अन्न और धन की कभी कमी नहीं होती।
शिरडी के बाद शायद बाराबंकी में ही भिक्षा झोली का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। यहाँ यह आयोजन इस बार 28 नवम्बर, गुरुवार को 01 बजे से सट्टी बाजार से प्रारम्भ होकर घण्टाघर से धनोखर, गल्ला मण्डी, सतरिख नाका होते हुए लैय्या मण्डी से होते हुए निबलेट तिराहे से नगरपालिका पहुंचकर सम्पन्न होता है। इस कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर के लोग भाग लेते हैं और बाबा की कृपा प्राप्त करते हैं।
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