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Barabanki: मेंथा (Mentha) से कम होगी GST, सांसद ने कहा GST फ्री नहीं होने तक जारी रहेगा संघर्ष

 

Barabanki News... मेंथा (Mentha) किसानों के लिए त्योहारों के सीजन में खुश खबरी आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीएसटी काउंसिल ने प्राकृतिक मेंथा ऑयल पर GST दर में भारी कटौती को हरी झंडी दे दी है। खबरों के मुताबिक प्राकृतिक मेंथा ऑयल पर जीएसटी 12 से 7 फीसदी करने पर सहमति हो गई है। इससे जिले के मेंथा किसानों में खुशी की लहर है। वहीं मेंथा किसानों के लिए इस मुद्दे पर लंबे वक्त से लड़ाई लड़ने वाले बाराबंकी के सांसद तनुज पुनिया ने इसे किसानों की बड़ी जीत बताई है लेकिन साफ कर दिया है कि मेंथा ऑयल को जब जीएसटी से बाहर नहीं किया जाता, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

   

दरअसल बाराबंकी के सांसद तनुज पुनिया द्वारा लोकसभा में मेंथा किसानों की समस्याओं का मुद्दा उठाने के बाद प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने जीएसटी काउंसिल को पिछली बैठक में प्राकृतिक मेंथा ऑयल पर जीएसटी की दर घटाने का प्रस्ताव रखा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक काउंसिल द्वारा जीएसटी की दर तय करने के लिए बनाए गए जीओएम की हाल ही में हुई बैठक में संबंधित प्रस्ताव पर विचार किया गया। GOM के सदस्य सुरेश खन्ना ने बताया कि प्राकृतिक मेंथा ऑयल पर जीएसटी को 12 से घटाकर 5 और सिंथेटिक मेंथाल पर 12 से बढ़ाकर 18 प्रतिशत जीएसटी करने के प्रस्ताव को जीओएम ने सर्वसम्मति से हरी झंडी दे दी है। जीओएम के निर्णय को जल्द ही काउंसिल से भी मंजूरी मिल जाएगी।

   

वहीं लोकसभा में इस मामले को पुरजोश तरीके से उठाने वाले बाराबंकी के सांसद तनुज पुनिया ने प्रस्ताव का स्वागत किया और इसे किसानों की बड़ी जीत करार दिया, लेकिन वो इस प्रस्ताव से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि जीओएस के प्रस्ताव का वो स्वागत करते हैं। ये किसानों की लंबे वक्त से चली आ रही लड़ाई की बड़ी जीत है। निश्चित ही इससे किसानों को फायदा होगा। क्योंकि अब तब कठिन परिश्रम के बावजूद किसानों को मेंथा का सही दाम नहीं मिल जाता था। जीएसटी दर कम होने से किसानों को उनकी मेहनत का सही हक मिलेगा। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि ये लड़ाई अभी कम नहीं होने वाली है। उन्होंने कहा कि जब मेंथा ऑयल से जीएसटी शून्य नहीं हो जाती तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
 सांसद ने उठाया था सदन में मुद्दा

   

वित्त मंत्री ने दिया था आश्वासन

   

 वहीं मेंथा किसानों के लिए प्रदेश स्तर पर लंबे वक्त से लड़ाई लड़ने वाली संस्था मेंथा किसान समिति के अध्यक्ष डॉक्टर राजेश वर्मा ने भी प्रस्ताव का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को निश्चित ही फायदा होगा। उन्होंने कहा कि ये समिति की लंबे वक्त से मांग थी। उन्होंने कहा कि जब से अप्राकृतिक मेंथा का आयात देश में होने लगा था, जब से समिति इसके लिए प्रयासरत थी। जो भी यहां सांसद होता था उससे इसके लिए संपर्क किया जाता था। उन्होंने कहा कि ये बहुत अच्छी बात थी कि सांसद ने सदन में ये बात उठाई। उसके बाद जीएसटी काउंसिल ने नेचुरल मेंथा पर 12 से 5 फीसदी जीएसटी और सिंथेटिक मेंथा पर 12 से 18 फीसदी जीएसटी करने की सहमति दी है। इससे किसानों को फायदा होगा। उन्होंने कहा नई जीएसटी दर लागू होने के बाद से किसानों के लिए मेंथा की खेती एक बार फिर हरा सोना साबित होगी।

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