Barabanki News आवारा हवा का झोंका हूं, आ निकला हूं पल दो पल के लिए... गाने के यह बोल जैसे ही मंच से सुनाई दिए तो लोग कुर्सियां छोड़कर खड़े हो गए। चारों तरफ तालियों की गूंज सुनाई देने लगी। भीड़ से भरे ऑडिटोरियम को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता था कि अल्ताफ राजा (Altaf Raja) को सुनने के लिए लोग आज भी उतने ही बेताब है। अल्ताफ राजा ने आने से जिसके आए बहार, हम वो दीवाने है जो ताजा हवा लेते है, दिल सच्चा ,सूरत आपकी शुभांल्लाह, हमें तो लूट लिया, मिल के हुश्न वालों ने, झूम बराबर ,झूम शराबी, गाकर लोगों को पुराने दौर में पहुंचा दिया। इसके बाद एक के बाद एक प्रस्तुति ने लोगों की शाम यादगार बना दी। शुक्रवार को देवा मेला के ऐतिहासिक ऑडिटोरियम में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सुरों के बादशाह को मंच पर देखकर श्रोताओं का उत्साह सातवें आसमान पर था। फिर अल्ताफ राजा ने जा बेवफा, जा बेवफा हमें प्यार नहीं करना, से उन्होंने बाद अपनी आगे की प्रस्तुति को बढ़ाया। गानों के बीच में उनकी शायरी ने प्रस्तुति में जैसे चार चांद लगा दिए। फिर तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी, महोब्बत की राहों में आकर तो देखो, अन्य धमाकेदार प्रस्तुतियां ने कार्यक्रम को शीर्ष पर पहुंचा दिया।
एडीजे श्रीकृष्ण चन्द्र सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर की सूफी नाइट की शुरुआत
देवा मेला में शुक्रवार की रात सूफ़ी नाइट कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एडीजे/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री श्रीकृष्ण चन्द्र सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करके की। इस अवसर पर सर्वश्री एसीजेएम वंदना, एसीजेएम डॉ प्रीति भास्कर और देवा मेला कमेटी के सचिव/ एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, जॉइंट मजिस्ट्रेट नवाबगंज आर जगत साईं, एसडीएम विजय कुमार त्रिवेदी, एसडीएम पवन कुमार, एसडीएम राजेश विश्वकर्मा, एसडीएम अनुराग सिंह, एसडीएम पूजा गुप्ता, सीओ सुमित त्रिपाठी, सीओ हर्षित चौहान, एवं मेला कमेटी के सम्मानित सदस्यगण सहित मंचीय व्यवस्थापक सतीश कुमार तिवारी, दिलीप मिश्रा, और मंच का संचालन कर रहे प्रवक्ता आशीष पाठक आदि उपस्थित रहे।
तुम इतना क्यों मुस्करा रहे हो क्या गम है जो छिपा रहे हो..
देवा मेला में शुक्रवार की शाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में एडीजे/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीकृष्ण चन्द्र सिंह ने मनमोहक गज़लों से समा बांध दिया। उनकी प्रस्तुतियों से श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने एक के बाद एक प्रस्तुतियां दी। जिसमें मशहूर गजल तुम इतना क्यों मुस्करा रहे हो क्या गम है जो छिपा रहे हो, दीवारों से मिलकर रोना अच्छा लगता है हम भी पागल हो जाएंगे, ऐसा लगता है। फिर उनकी हम तेरे शहर में आये है मुसाफिर की तरह, चिठ्ठी न कोई संदेश ,जहां तुम चले गए, आदि प्रस्तुति से श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
भजन गायक आदर्श कुमार के भजनों ने बांधा समां
देवा मेला में शुक्रवार की शाम हरिहर संगीत घराना आजमगढ़ के भजन गायक आदर्श कुमार ने अपनी प्रस्तुतियों से ऑडिटोरियम में भक्ति रस की गंगा में सबको डुबो दिया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति जय गणेश जय महादेवा से की। इसके बाद रामा रामा रटते रहिये, राम को देखकर जनक नन्दनी आदि भजनों
डीएचए रायबरेली और बाबू इलेवन देवा के बीच होगा फाइनल मुकाबला
देवा में चल रही राज्यस्तरीय हॉकी खेल प्रतियोगिता में शुक्रवार को सेमीफाइनल के मैच खेले गए। जिसमें डीएचए रायबरेली और बाबू इलेवन देवा की टीमों ने फाइनल मैच में अपना अपना स्थान पक्का कर लिया है।
आज हुए पहले मैच में डीएचए आजमगढ़ और डीएचए रायबरेली के बीच खेला गया। जिसमें कड़े संर्घष के बाद अंतिम छड़ों में डीएचए रायबरेली की टीम ने 1-0 से फतेह हासिल की। इसके बाद दूसरे मैच का मुकाबला बाबू इलेवन देवा और आरएसए शिवगढ़ रायबरेली के बीच खेला गया, जिसमें बाबू इलेवन देवा की टीम ने 1-0 से जीत दर्ज की। आज विजयी हुई दोनों टीमों ने फ़ाइनल में अपना स्थान पक्का कर लिया है। इस अवसर पर सर्वश्री मुख्य अतिथि ग़ाफ़िर अहमद पूर्वोत्तर रेलवे आर्गनाइजर सिग्रेटरी आदि सहित हॉकी प्रतियोगिता के आयोजक, सलाउद्दीन किदवई, मोहम्मद फारुख, राम आशीष वर्मा, मुजीब अहमद, शकील अहमद, अरमान वारसी, निसार अहमद, फव्वाद किदवाई आदि सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
लवली घिल्डियाल के कथक और भरतनाट्यम को दर्शकों ने खूब सराहा
लोक गीत गायक कलाकारों ने अपने गीतों से बांधा समां
देवा मेला के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में शुक्रवार को लवली घिल्डियाल एंड ग्रुप की भरतनाट्यम एवं लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति शिव वंदना से की। इसके बाद तराना और कथक शिवाष्टिकम की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शुक्रवार को देवा मेला के ऑडिटोरियम में लोक गायक कलाकारों द्वारा मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए। सर्वप्रथम लोक गायक कलाकार राजा कश्यप एंड ग्रुप के कलाकारों ने, भजन की प्रस्तुति, पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाये, प्रस्तुत किया इसके बाद कौशल्या दशरथ नंदन आदि सहित अनेक लोकगीतों की प्रस्तुतियां दी। इसके बाद भजन सम्राट अनन्त राम वर्मा और उनके साथी कलाकारों द्वारा ऐसी लागी लगन मीरा हो गई मगन की मनमोहक प्रस्तुति दी गयी।
इसके बाद कुछ लेना न देना मगन रहना, आये पिया वारिस के भजन की प्रस्तुति दी। तो साथी कलाकार मंजू सिन्हा ने पायो जी मैंने राम रतन धन पायो, आदि गीतों की प्रस्तुति देकर सबको मंत्र मुग्धकर दिया। इसके बाद सोनू इच्छाधारी के द्वारा कौमी एकता गीत, एक ही पिता के हम सब हैं संतान, न तो कोई हिन्दू न कोई मुसलमान आदि की प्रस्तुति दी।
इसके बाद सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग में पंजीकृत लोकगीत गायक कलाकार मुन्ना अलबेला ने, काशी में तेरा जलवा काबे में नजारा है, देशवा धरतिया दोनों एक ही, मकनवा अलगे अलगे बा, पढ़े बेटियां बढ़े बेटियां भारत के लिये, बेटी है अनमोल रतन दो घर की शोभा यार, आदि गीतों पर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी। इसके बाद सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में पंजीकृत लोकगायक कलाकार जमुना कनौजिया और उनके साथी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दी। जमुना कनौजिया ने अपने गीत, आपस में हम सब मिलके रहे फरमान है वारिस साहब का.... हर मजहब का इंसान यहाँ मेहमान है वारिस साहब का आदि की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सबको मन्त्रमुग्ध कर दिया साथी कलाकार गायिका मंजू माही ने तेरी गलियों का हूं आशिक, आदि गीतों की प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जादूगर ह्रदय तिवारी द्वारा जादू के कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देकर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता साफ़ सफाई आदि के विषय में लोगों को जागरूक किया गया। इसके बाद आल्हा गायक रघुनाथ और लोकगीत गायक सोनेलाल ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी।
स्कूली बच्चों के कार्यक्रमों ने मोहा दर्शकों का मन
देवा मेला के ऑडिटोरियम में शुक्रवार को स्कूली बच्चों के कार्यक्रमों की श्रृंखला में जीजीआईसी देवा की छात्राओं द्वारा संचारी रोगों के प्रति जागरूकता गीत की मनमोहक प्रस्तुति दी। इसके बाद रफ़ी मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने चक दे इंडिया पर मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके बाद पिरामिड डांस, और पढेंगे हम गीत की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय शेषपुर के छात्रों ने वेलकम सॉन्ग, छोटी सी नन्ही सी परी आदि की प्रस्तुति देकर दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद कंपोजिट स्कूल टिकरिया की छात्राओं ने नारी शक्ति पर एक मनमोहक गीत की प्रस्तुति दी। अगले क्रम में संस्कार ग्लोबल स्कूल अमरसंडा के बच्चों ने माँ बाप का दिल न दुखा, क़व्वाली की प्रस्तुति दी। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय माधोपुर की छात्राओं ने कजरी गीत पर नृत्य की प्रस्तुति दी। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय देवा की छात्राओं ने नाटक की प्रस्तुति देकर वृक्षारोपण के प्रति जागरूक किया। इसके बाद रंगीलो मारो ढोलना नृत्य की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर प्रशिक्षु क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत, कार्यक्रम की नोडल/ जीजीआईसी देवा की प्रिंसिपल डॉ सुविद्या वत्स, मंचीय व्यवस्थापक सतीश तिवारी, दिलीप मिश्रा ने प्रतिभागियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
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