BARABANKI NEWS... बाराबंकी का गांधी स्पोर्ट्स क्लब हॉकी प्रेमियों के लिए सबसे सुलभ और कारगर डेस्टीनेशन बन गया है। 78 साल के सलाहुद्दीन किदवाई की देखरेख में चलने वाले इस स्पोर्ट्स क्लब से हॉकी की नई पौध तैयार हो रही है, जो ना सिर्फ हॉकी का विकास कर रही है, बल्कि संरक्षित और संवर्धित भी करने का काम कर रही है। यहां हॉके के शौकीनों के लिए सबकुछ मुफ्त है। खेल के इक्यूपमेंट से लेकर कोचिंग, फूडिंग और दूसरे संसाधन सब कुछ मुफ्त हैं।
नगर के बंकी कस्बे में कोई पांच बरस से गांधी स्पोर्ट्स क्लब हॉकी की नर्सरी तैयार कर रहा है। पहले बच्चों को हॉकी सिखाने की ये मुहिम पुलिस लाइन ग्राउंड में होती थी, लेकिन आपत्ति होने पर इसे बंकी के एक मैदान में शुरू किया गया। कुछ दिन चलने के बाद इसे किन्ही कारणों से वहां से भी हटना पड़ा। गांधी स्पोर्ट्स क्लब के पास अपना ग्राउंड नहीं है, ना ही इतने आर्थिक संसाधन है कि ग्राउंड की व्यवस्था की जा सके। लिहाजा एक किसान के खेत में उसकी मर्जी से नई उम्र के बच्चों को हॉकी की कोचिंग दी जाती है। सलाहुद्दीन किदवाई की इस मुहिम में वो अकेले नहीं हैं। उनके साथ जिले के तमाम पुराने ऐसे खिलाड़ी हैं, जो ध्यानचंद और केडी सिंह बाबू जैसे खिलाड़ियों जिले से निकालने के लिए कोशिश कर रहे हैं। ये लोग बच्चों को ना सिर्फ कोचिंग देते हैं, बल्कि अपनी क्षमताओं के मुताबिक उनकी हर किस्म से मदद भी करते हैं। हॉकी स्टिक, ड्रेस और अन्य सामान ये पुराने खिलाड़ी अपने आर्थिक संसाधनों से करते हैं। उनका मानना है कि इस मुहिम से जुड़कर उन्हें कुछ करने का मौका मिल रहा है। साथ ही साथ बच्चों के साथ खेलने से कुछ नहीं, तो फिटनेस ही मिल रही है।
सबसे खास बात ये है की गांधी स्पोर्ट्स क्लब से जुड़ा कोई भी व्यक्ति छोटा, बड़ा या जूनियर-सीनियर नहीं है। यहां सब बराबर हैं। कई राष्ट्रीय स्तर के यहां पूर्व खिलाड़ी संसाधनों के आभाव के बावजूद नई नस्ल के बच्चों के साथ खेलने या उन्हों सिखाने में कोई संकाेच नहीं करते। सबका एक ही लक्ष्य और सपना है कि यहां के बच्चे हॉकी अच्छे प्लेयर बनें और बाराबंकी का नाम रौशन करते हुए अपने कैरियर को संवारें।
बैहतरीन मैदान पर खेलने वाले तमाम सीनियर खिलाड़ी बच्चों को हॉकी का बेहतर माहौल देने के लिए उस ग्राउंड पर उतरते हैं, जहां हॉकी खेलना आसान नहीं होता। विवार के दिन हॉकी के ये शौकीन बच्चों में इस खेल के प्रति और इंटरेस्ट पैदा करने के लिए खास इंतजाम करते हैं। इस रोज तमाम खिलाड़ियों के लिए खास फूडिंग का इस्तेमाल किया जाता है। तमाम बच्चों को इस गुणवत्ता पूर्ण व्यंजन दिए जाते हैं। ये सारा तमाम प्रबंध हॉकी के सीनीयर खिलाड़ी और इस मुहिम में जुड़े समाजी कार्यकर्ताओं के द्वारा किया जाता है।
गांधी स्पोर्ट्स क्लब के पास अभी कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है, लेकिन इस क्लब में हॉकी की ट्रेनिंग में आने वाले बच्चों में कई बच्चे ऐसे हैं, जिनमें गजब का पोटैंशियल है। सीनियर खिलाड़ियों का मानना है कि वो इन खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं। उनकी कोशिशों से एक ना एक दिन जरूर आएगा जब यहां से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलेंगे। इसके लिए क्लब की तरफ से कई योजनाओं पर काम कर रहा है।
समय-समय पर क्लब के द्वारा हॉकी के टूर्नामेंट कराए जातै हैं। इस समय भी गांधी जयंती के मौके पर तीन दिवसीय टूर्नामेंट कराया जा रहा है। आगे इऩ बच्चों को दूसरे जिलों के टूर्नामेंट में ले जाने और प्रदेश स्तर का टूर्नामेंट कराने की योजना है।
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