BARABANKI NEWS... लोकसभा चुनावों में बेहतरी प्रदर्शन के बाद आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने बहुजन समाज पार्टी का विकल्प बनने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। अजांद समाज पार्टी का जोर संगठन को मजबूद बनाने पर है। इसके लिए पूरे सूबे के साथ बाराबंकी जिले में बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान शुरू किया गया है। जिसमें एसपी के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को पार्टी से जोड़ने का काम कर रहे हैं। आजाद समाज पार्टी के प्रति लोगों में रुझान बढ़ने से बसपा प्रमुख मायावती और सप मुखिया अखिलेश यादव के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्यूंकि एएसपी की निगाह एससीएसटी तब्कों के साथ अलपसंख्क समुदाय के तब्कों पर हैं। महा सदस्यता अभियान के तहत बुधवार को बाराबंकी की विधानसभा कुर्सी के वारिस नगर मजरे टाण्डा निजाम अली में एएसपी कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर सैकड़ों लोगों को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई और AIMIM के वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष मोहम्मद सलीम और बसपा के पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी दिनेश गौतम को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। इस तरह ये कार्यक्रम रोज चलाया जा रहा है। जिसमें बड़ी संख्या में भीम आर्मी चीफ और नगीना से सासंद चंद्र शेखर आज़ाद से प्रभावित होकर लोग पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं। अयोध्या मण्डल उपाध्यक्ष शेर मोहम्मद खान, जिला अध्यक्ष सुनील कुमार, जिला प्रभारी एबाद उर रहमान नायाब एडवोकेट के निर्देशन में चल रहे सदस्यता अभियान में लोग तेजी से जुड़ रहे हैं। आपको बता दें कि बहुजन समाज पार्टी के गिरते ग्राफ और जन सामान्य के मुद्दों से दूरी की वजह से वंचित समुदाय और अल्पसंख्यक तब्कों में एएसपी चीफ चंद्र शेखर आजाद उम्मीद की किरण के तौर पर उभरे हैं। चंद्र शेखर आजाद का बेबाक अंदाज और हर मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखने से अपरोक्त समुदायों में चंद्र शेखर एक लीडर के तौर पर उभर चुके हैं। जरूरत है तो संगठन विस्तार के लिए। जिसके लिए महा सदस्यता अभियान की शुरूआत की गई है। जिला प्रभारी एबाद उर रहमान नायाब एडवोकेट के मुताबिक पार्टी का जिले में तो बेहतर फीटबैक मिल ही रहा है, प्रदेश स्तर पर वंचित और अलपसंख्यक समुदाय के लोग एएसपी के साथ जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान दूसरी पार्टी के कई अहम पदों पर रहे नेता एएसपी से जुड़े हैं और जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। एएसपी के प्रति वंचित और अलपसंख्यक समुदाय में बढ़ता क्रेज सबसे ज्यादा बसपा प्रमुख मायावती के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। मायावती में फैसला ना ले पाने की योग्यता और जन समान्य के मुद्दों की दूरी का सीधा और सबसे ज्यादा फायदा एएसपी को पहुंचेगा। वहीं अगर एएसपी अल्पसंख्यकों में अपनी पैठ बनाने में कामयाब हो जाती है, तो वो सपा के लिए भी मुश्किलें कड़ी कर सकती है।
BARABANKI NEWS
AZAD SAMAJ PARTY
BAHUJAN SAMAJ PARTY
SAMAJWADI PARTY
CHANDER SHEKHAR AZAD
LOK SABHA ELECTION




0 टिप्पणियाँ